उपचुनाव में सेब को मुद्दा बनाएगी हिमाचल कांग्रेस

हिमाचल प्रदेश के उपचुनाव में कांग्रेस सेब को बड़ा मुद्दा बनाएगी। सेब के उचित दाम न मिलने से सीजन में पहली बार एक मंच पर बागवानों के 17 संगठन सरकार के खिलाफ नाराजगी जता चुके हैं। सेब बागवानों से जुड़ा मुद्दा उपचुनाव की घोषणा से पहले खूब गरमाया है। मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने कहा है कि उपचुनाव में सेब का मूल्य गिराने के मुद्दे को लेकर बागवानों के बीच जाएंगे। इस बार प्रदेश में मौसम की मार पड़ने से सेब की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। करीब पांच सौ करोड़ का नुकसान मौसम की अनिश्चितता से उठाना पड़ा है। पहले सूखा और फिर बेमौसमी बर्फबारी ने सेब बागवानों की कमर तोड़ दी थी।

इसके बाद मंडियों में बिचौलियों और लदानियों की ओर से सेब के कम दाम दिए जाने लगे। इससे बागवानों की नाराजगी बढ़ने लगी। बागवानों के प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए न बुलाने पर खासी नाराजगी है। प्रदेश के सात जिलों शिमला, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, किन्नौर में सेब बागवान बाहुल्य हैं। मंडी संसदीय सीट सहित जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में सेब बागवानों के मसले गरमाएंगे। जुब्बल-कोटखाई से कांग्रेस प्रत्याशी रोहित ठाकुर कहते हैं कि वर्तमान सरकार सेब बागवानों से न्याय नहीं कर सकी। सरकार ने बागवानों को अपने ही हाल पर छोड़ दिया और उनसे वार्ता करना तक उचित नहीं समझा। बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे भी उपचुनाव में गूंजेंगे।

क्या कहते हैं प्रदेश भाजपा के  स्थायी आमंत्रित सदस्य
प्रदेश भाजपा के  स्थायी आमंत्रित सदस्य और हिमफेड के अध्यक्ष गणेश दत्त कहते हैं कि सेब उपचुनाव में कोई मुद्दा नहीं होगा। सेब को सरकार ने सबसे ज्यादा 9.50 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य दिया है। हिमफेड ने अभी तक 28 हजार मीट्रिक टन सेब खरीदा है। बागवानों को पहले सेब के कम दाम मिल रहे थे और अब 2800 रुपये पेटी के मिल रहे हैं।