उत्तराखंड: बादल फटने से देवप्रयाग के शांति बाजार को भारी नुकसान

उत्तराखंड के दशरथ पर्वत पर बादल फटने की घटना से शांता नदी में आए ऊफान से देवप्रयाग के शांति बाजार को भारी नुकसान पहुंचा है। यहां आईटीआई का तीन मंजिला भवन पूरी तरह ध्वस्त हो गया। शांता नदी से सटी दस से अधिक दुकानें भी बह गई। देवप्रयाग नगर से बस अड्डे की ओर आवाजाही करने वाला रास्ता और एक पुलिया पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। मलबे में किसी के दबने को लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है। कोरोना कर्फ्यू के कारण आईटीआई सहित दुकानों के बंद रहने से भारी-जान माल का नुकसान होने से बच गया।  मंगलवार सांय करीब साढ़े बजे देवप्रयाग के दशरथ पर्वत पर बादल फटने की घटना से दशरथ पर्वत से निकलने वाली शांता नदी अचानक भारी ऊफान पर गई।

मिट्टी और पत्थरों ने  शांति बाजार में तबाही

भारी मात्रा में पानी के साथ आये  मिट्टी और पत्थरों ने  शांति बाजार में तबाही मचा दी, जिससे सीमेंट और सरियों के पिलरों पर खड़ा आईटीआई का तीन मंजिला भवन जमीदोज हो गया। आईटीआई भवन में मौजूद सुरक्षा कर्मी दीवान सिंह ने किसी तरह अपनी जान बचाई। आईटीआई भवन में मौजूद कम्प्यूटर सेंटर, निजी बैंक, बिजली, फोटोग्राफी सहित करीब दस  दुकानें नदी में आए मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह ध्वस्त हो गई। उधर, शांता नदी पर बनी पुलिया, बस अड्डे की ओर का रास्ता सहित उससे सटी ज्वेलर्स, कपड़े, मिठाई आदि की दुकानें भी नदी में आये भारी ऊफान की चपेट में आने पूरी तरह ध्वस्त हो गई। देवप्रयाग बस अड्डे से शांति बाजार होकर शांता नदी भागीरथी नदी में मिलती है। शांति बाजार में भारी नुकसान होने का शुरूआती अनुमान लगाया जा रहा है।

किसी के हताहत होने की सूचना नही

देवप्रयाग थाना पुलिस को अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नही है। कोरोना कर्फ्यू नहीं होता, तो नगर में बड़ी संख्या में जनहानि हो सकती थी। देवप्रयाग थाना प्रभारी एमएस रावत ने बताया कि मौके पर पुलिस टीम को तैनात कर दिया गया है।