इमरान खान की खुली पोल, अफगानिस्तान ने मार गिराया पाकिस्तानी अफसर

अमरीका सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एयरस्ट्राइक्स में सहयोग मिलने से अफगानिस्तान सुरक्षा बलों ने तालिबान को पीछे धकेलना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ गजनी, तखर, कंधार, हेलमंद और बाग़लान सहित 20 प्रदेशों में लड़ाई जारी है। लड़ाई में तालिबान के साथ ही कई पाकिस्तानी लड़ाके भी हताहत हुए हैं, अफगान सुरक्षा बलों ने तालिबान से लड़ते हुए पाक सेना के एक अधिकारी को भी मार गिराया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हमलों के लिए चेतावनी दी है और अमरीकी हवाई हमलों की निंदा की है। अफगानिस्तान सरकार ने सुरक्षा बलों की मुक्त आवाजाही तय करने के लिए मुख्य हाइवे की सुरक्षा बढ़ा दी है, क्योंकि तालिबान के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षित हाईवे महत्त्वपूर्ण है। अफगानिस्तान से मिली खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक़ अफगान सुरक्षा बलों ने हाइवे से लगे कई गांवों को विद्रोहियों के कब्ज़े से छुड़ा लिया है। कम से कम नौ विस्फोटक निष्क्रिय कर दिए हैं।

हज़ारों आतंकी भेज रहा पाक

काबुल। अफगानिस्तान सरकार ने कहा कि दस हज़ार से अधिक पाकिस्तानी आतंकी अफगानिस्तान में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे कई रिपोर्ट्स बताते हैं कि तालिबान को पाकिस्तानी संस्थाओं द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है। एक न्यूज़ एजेंसी ने अफगानिस्तान टाइम्स के रिपोर्ट से हवाले से बताया है कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी के प्रवक्ता ने मीडिया को भेजे गए एक वीडियो संदेश में बताया है कि हजारों आतंकी पाकिस्तान से अफगानिस्तान छद्म युद्ध के लिए पहुंचे हैं।

चार महीनों में मारे गए 24 हजार तालिबानी

काबुल। अफगानिस्तान में शांति मामलों के मंत्रालय के हिंसा-निगरानी विभाग ने कहा है कि देश में पिछले चार महीनों में हुए संघर्ष में कम से कम 24 हजार तालिबानी तथा पांच हजार से अधिक नागरिक मारे गए हैं। हिंसा-निगरानी विभाग द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से जुलाई के दौरान तालिबान ने देश के विभिन्न हिस्सों में 22,000 हमले किए और जिसके परिणाम स्वरूप 24 हजार तालिबानी लड़ाके मारे गए और घायल हुए। मंत्रालय के एक अधिकारी सैयद अब्दुल्ला हाशमी ने बताया कि पता चला है कि देश में हिंसा के लिए बाहर से 10 हजार से अधिक लड़ाके बुलाए गए थे।

चीन की तालिबान से बात ठहराई जा रही सही

नई दिल्ली। पाकिस्तान ने तालिबान और चीन के बीच हुए मुलाकात का स्वागत किया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने कहा है कि हमारा मानना है कि अफगानिस्तान के पड़ोसी देश होने के नाते चीन की अफगान शांति प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण भूमिका है। बता दें कि तालिबान नेता मुल्ला बरादर के नेतृत्व में तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल ने 28 जुलाई को चीन के विदेश मंत्री वांग यी सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात की थी।