हिमाचल सरकार से मांगी इंसानों में बर्ड फ्लू की टेस्टिंग के लिए अनुमति, ये है वजह

बर्ड फ्लू के घातक एच5 एन1 वायरस का खतरा पक्षियों के अलावा इंसानों पर भी मंडरा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एहतियातन प्रदेश सरकार से इंसानों में बर्ड फ्लू की टेस्टिंग के लिए अनुमति मांगी है। अगर किसी व्यक्ति में लक्षण पाए जाते हैं तो उसकी समय पर जांच कर उपचार के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है। इसके अलावा फील्ड कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि फ्लू के लक्षण मिलने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क  करें।

मंगलवार को विभाग ने एच5 एन1 फ्लू को हराने के लिए कांगड़ा जिले में ब्लॉक स्तर पर दवाइयां पहुंचा दी हैं। आयुर्वेद विभाग लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक काढ़ा इस्तेमाल करने की सलाह दे रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घर में भी लोग तुलसी, लौंग, काली मिर्च और आंवले का इस्तेमाल कर अपनी इम्युनिटी बढ़ा सकते हैं। उनका कहना है कि किसी भी फ्लू से बचने के लिए इम्युनिटी और विटामिन-सी लेना बेहद जरूरी है।

फ्लू होने पर लोगों से दूर रहें
अगर किसी व्यक्ति में फ्लू के लक्षण पाए जाते हैं तो वे दूसरे लोगों से दूरी बनाए रखें। लक्षण पाए जाने पर मास्क का इस्तेमाल जरूर करें और मांस, मछली और अंडे का परहेज करें। लापरवाही बरतने पर यह फ्लू अन्य लोगों में आसानी से फैल सकता है। वहीं संक्रमित पक्षियों और मुर्गों से भी दूरी बनाए रखें।

एच5 एन1 यानी बर्ड फ्लू से लड़ने और इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। विभाग ने ब्लॉक स्तर पर जिलाभर में दवाइयां पहुंचा दी हैं। वहीं, अगर किसी व्यक्ति में लक्षण पाया जाता है तो विभाग उनकी टेस्टिंग करेगा। इसके लिए सरकार से टेस्टिंग की अनुमति मांगी गई है। – डॉ. विक्रम कटोच, जिला स्वास्थ्य अधिकारी कांगड़ा