अलविदा दिलीप साहब: पीएम मोदी ने किया कॉल, ठाकरे ने दी सम्मानजनक विदाई, सायरा बोलीं- शुक्रिया…

दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार का बुधवार यानी 7 जुलाई सुबह निधन हो गया। वे 98 साल के थे। दिलीप कुमार काफी समय से बीमार चल रहे थे। बॉलीवुड में ‘ट्रैजेडी किंग’ के नाम से मशहूर दिलीप कुमार ने हिंदी सिनेमा को ‘मुगले आजम’, ‘मधुमती’, ‘देवदास’ और ‘गंगा जमुना’ जैसी बेहतरीन फिल्में दीं और करीब 60 साल तक सिल्वर स्क्रीन पर राज किया। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लेकर बॉलीवुल के तमाम सितारे उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। हिंदुजा अस्पताल में बुधवार सुबह साढ़े सात बजे दिलीप कुमार ने अपनी आखिरी सांस ली। इस दौरान दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो उनके साथ मौजूद थीं।

उनके निधन की खबर सुनकर हर कोई गमगीन हो उठा। जिसके बाद सोशल मीडिया पर तमाम लोग अपना दुख जाहिर करते नजर आए। वहीं सीएम उद्धव ठाकरे, शरद पवार, शाहरुख खान जैसे कई बड़े नाम दिलीप साहब के घर पहुंचे जहां वो सायरा बानो को सपोर्ट करते दिखाई दिए।

वहीं पीएम मोदी से लेकर अमिताभ बच्चन तक तमाम नेता अभिनेता ने सोशल मीडिया पर अपना दुख जाहिर किया। तो वहीं दिलीप साहब के अंतिम संस्कार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ पूरा किया गया। जिसके बाद सायरा बानो ने दिलीप कुमार के ट्विटर अकाउंट से पीएम मोदी और सीएम उद्धव ठाकरे का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने ट्वीट करके लिखा शुक्रिया पीएमओ इंडिया और सीएमओ महाराष्ट्र दिलीप साहब का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से कराने के लिए।

बीते दिन प्रधानमंत्री मोदी ने दिलीप कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, दिलीप कुमार जी को एक सिनेमाई किंवदंती के रूप में याद किया जाएगा। उन्हें अद्वितीय प्रतिभा का आशीर्वाद प्राप्त था, जिसके कारण पीढ़ियों के दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए थे। उनका जाना हमारी सांस्कृतिक दुनिया के लिए एक क्षति है। उनके परिवार, दोस्तों और असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदना। श्रद्धांजलि।

पीएम मोदी ने इस मुश्किल घड़ी में दिलीप कुमार की पत्नी सायरा बानो से फोन पर बात की और उन्हें ढांढस बंधाया। राहुल गांधी ने लिखा- दिलीप कुमार ने भारतीय सिनेमा के लिए जो किया है, उसे आने वाली कई पीढ़ियां याद रखेंगी।

बुधवार शाम करीब 5 बजे सांताक्रूज कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इससे पहले खार स्थित उनके घर पर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई थी। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर एम्बुलेंस से सांताक्रूज कब्रिस्तान ले जाया गया था।