अरसू पंचायत में धांधलियों की नहीं हो रही निष्पक्ष जांच

आनी: विकास खण्ड निरमण्ड की अरसू पंचायत में विकास कार्यों में करोड़ों की धांधली की शिकायत पर ठोस कार्यवाही न होने से शिकायतकर्ता नाखुश हैं। शुक्रवार को आनी में एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए आरटीआई कमेटी अरसू के सदस्य सुन्दर सिंह ठाकुर, सोहन बंसल, सर्व दयाल ,मोहर सिंह वर्मा, चमन लाल वर्मा, प्रेम ठाकुर व दीपक वर्मा, ने आरोप लगाया है कि पंचायत प्रतिनिधि व उनके रिश्तेदार राजनीतिक पैठ का फायदा उठा कर जांच को प्रभावित कर रहे हैं।
उनका आरोप है कि अरसू पंचायत में वर्ष 2016 से 2019-20 के दौरान विकास कार्यों में एमपी, एमएलए , बीएएसपी , मनरेगा , 14 वें वितायोग सहित सभी मद्दों से आये फण्ड में लाखों का गोलमाल किया गया है। जिसमें ग्राम सभा में खाने के फर्जी बिल व पंचायत के लिए प्लास्टिक की कुर्सियों के फर्जी बिल सहित अन्य कई घोटाले कथित तौर पर प्रधान पति द्वारा किये गए हैं।जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प के 1100 नम्बर पर और सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक को की गई है। जिसकी निष्पक्ष जांच में अभी तक ढील बरती जा रही है।
शिकायतकर्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जड़े भ्र्ष्टाचार के आरोप
उनका कहना है कि सतर्कता विभाग से भी अक्तुबर माह में डीसी कुल्लू को पत्र के माध्यम से शिकायत पर 45 दिनों के अंदर कार्यवाही करने और सरकारी धन के दुरुपयोग के पाए जाने पर सम्बंधित थाना में एफआईआर दर्ज करने को कहा गया है। आरटीआई कमेटी अरसू ने एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर उठाई जल्द कार्रवाई की मांग लेकिन हैरानी है कि सतर्कता विभाग को भेजी शिकायत पर डीसी कुल्लू की ओर से क्या कार्यवाही हुई, इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि अरसू पंचायत में महिला प्रधान के पति राजनीतिक पहुंच के चलते आरोपों को दबाने का दबाब बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि जनता के साथ यह सरासर धोखा है। उन्होंने कहा कि विकासकार्यों में धांधली की जांच अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में वे सैंकड़ों युवाओं के साथ मिलकर शिकायतकर्ताओं के साथ खड़े हैं। शिकायतकर्ताओं ने शुक्रवार को अरसू पंचायत में भ्र्ष्टाचार की निष्पक्ष जांच को लेकर एसडीएम आनी चेतसिंह के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल से इस संदर्भ में निष्पक्ष जांच की मांग की है।