अनुच्छेद 370 हटने के बाद नई गाइडलाइन का इंतजार

अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने के बाद एक माह में जम्मू के उपायुक्त कार्यालय में स्टेट सब्जेक्ट (स्थायी नागरिकता प्रमाणपत्र) के लिए एक भी नई फाइल नहीं ली गई है। यही नहीं, जिले के विभिन्न क्षेत्रों से करीब 200 लंबित फाइलों पर भी फैसला नहीं लिया गया है।

हालांकि स्टेट सब्जेक्ट पर रोक के लिए राज्य प्रशासन या केंद्र सरकार की ओर से नया नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है लेकिन अधिकारी स्टेट सब्जेक्ट की फाइलों को नहीं ले रहे हैं। दरअसल, अधिकारी 31 अक्तूबर को जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित राज्य बनाए जाने और स्टेट सब्जेक्ट से संबंधित गाइड लाइन जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा हासिल होने के साथ सरकारी स्तर पर लगभग हर काम में स्टेट सब्जेक्ट की भूमिका अहम रहती थी। स्टेट सब्जेक्ट हासिल करने के लिए आमतौर पर लोग उपायुक्त कार्यालय का चक्कर लगाते रहते हैं। सूत्रों के अनुसार जिला स्तर पर स्टेट सब्जेक्ट से जुड़े मामले निपटाने के लिए क्षेत्रवार अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई थी।

इसके लिए अलग-अलग दिन भी निर्धारित किए गए थे। जिले से रोजाना स्टेट सब्जेक्ट की दर्जनों फाइलें पहुंचती थीं लेकिन पांच अगस्त के बाद से किसी भी फाइल पर काम नहीं किया गया है। लंबित फाइलों के लिए लोग उपायुक्त कार्यालयों में भाग-दौड़ कर रहे हैं लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।

नए नियम भी बना सकती है सरकार
अनौपचारिक बातचीत में अधिकारी मानते हैं कि अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद स्टेट सब्जेक्ट के मुद्दे पर असमंजस बना है। शायद सरकार इसके लिए नई नीति या नए नियम भी बना सकती है। फिलहाल, पाचं अगस्त के बाद से नई और पुरानी फाइलों पर काम नहीं किया जा रहा है।