अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष को नोटिस, सात दिन में मांगा जवाब, दसवीं-12वीं परीक्षा परिणामों पर दिया था बयान

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से जारी किए दसवीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों पर उठाए गए सवालों पर शिक्षा विभाग ने अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। शिक्षा विभाग ने सात दिनों के अंदर नोटिस का उत्तर देने को कहा है। अगर समय रहते इन्होंने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो सरकारी सेवा में कोताही बरतने के लिए नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जानकारी के अनुसार अध्यापक संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि शिक्षा बोर्ड ने बच्चों के भविष्य के लिए होने वाले इतने बड़े निर्णय के लिए कोई अभ्यास नहीं किया, जिससे इन बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।

इन्होंने कहा था कि बोर्ड ने निर्णय लेने से पहले पंजीकृत शिक्षक संघों एवं शिक्षाविद व अभिभावकों से भी मंत्रणा करना उचित नहीं समझा। दसवीं और 12वीं के हिंदी और अंग्रेजी का जो पेपर हुआ है। उसके लिए क्राइटेरिया लगाना तर्कसंगत है। शिक्षा विभाग का कहना है कि प्रवक्ता होने के नाते इस तरह की टिप्पणी देना तर्कसंगत नहीं है। उच्चाधिकारियों द्वारा उक्त कर्मचारी का यह कृत्य गंभीरता से लिया गया है। ऐसे में यह कर्मचारी नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई योग्य है। ऐसे में इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सात दिनों के भीतर इसका जवाब देने को कहा गया है। अन्यथा विभाग सरकारी सेवा में कोताही बरतने के लिए नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाएगा।