अधर में लटका टीजीटी आर्ट्स के 33 अभ्यर्थियों का भविष्य

परीक्षा केंद्र अधीक्षक की लापरवाही से टीजीटी आर्ट्स के 33 अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। आयोग असमंजस में है कि टीजीटी की परीक्षा रद्द करें या नहीं। परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी का प्रदेश के हजारों अभ्यर्थियों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सोलन जिले में रविवार को टीजीटी आर्ट्स परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र अधीक्षक की लापरवाही से 33 अभ्यर्थियों को स्टेनो टाइपिस्ट के प्रश्नपत्र बांट दिए गए। इसका पता परीक्षा होने के बाद चला। इस मामले के बाद कर्मचारी चयन आयोग ने स्टेनो टाइपिस्ट की परीक्षा रद्द कर दी, लेकिन टीजीटी आर्ट्स की परीक्षा रद्द करने पर निर्णय नहीं लिया जा सका है। आयोग ने रविवार को प्रदेश के 192 परीक्षा केंद्रों में टीजीटी आर्ट्स की परीक्षा ली।

इसके लिए 26 हजार अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए थे। स्टेनो टाइपिस्ट परीक्षा के लिए 5402 अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी हुए थे। इससे पूर्व 18 अक्तूबर को शिमला जिला और कांगड़ा के शाहपुर में एचआरटीसी बस कंडक्टर की भर्ती परीक्षा के दौरान मोबाइल से नकल के दो मामले सामने आए थे। इस पर पुलिस में मामला दर्ज हुआ, लेकिन अभी मामले में चयन आयोग को संबंधित उपमंडलों के एसडीएम की रिपोर्ट नहीं मिली है। ऐसे में एचआरटीसी भर्ती पर भी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। उधर, प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि टीजीटी आर्ट्स भर्ती परीक्षा मामले में सोलन जिले के एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही अगला निर्णय लिया जाएगा। एचआरटीसी भर्ती मामले में अभी शाहपुर और शिमला के एसडीएम की रिपोर्ट नहीं मिली है।