भतीजी से दुष्कर्म के आरोप में चाचा को 10 साल की जेल

सांकेतिक तस्वीर
धर्मशाला: मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले के पालमपुर से है. नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म (Rape) करने के आरोपी चाचा (Uncle) पर दोष साबित होने पर न्यायालय ने दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही दोषी को 20 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है.
3 मई 2018 का पुराना केस
जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि 3 मई 2018 को इस सबंध पालमपुर उपमंडल के एक गांव की 15 वर्षीय नाबालिगा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी. पीडि़ता ने पुलिस में ब्यान दिया था कि उसका चाचा उसके साथ गलत काम करता है. नाबालिगा ने बताया था कि वह चार बहनें हैं तथा वह अपने पिता व चाचा के साथ किराए के मकान में रहते थे. पीडि़ता ने बताया था कि उसके पिता और चाचा दुकान करते हैं तथा 2 मई 2018 की रात को उसके चाचा यशपाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया था.
जान से मारने की धमकियां भी दी गई
पीडि़ता का आरोप था कि इससे पहले भी उसके चाचा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. उसने बताया था कि उसके पिता किसी काम से दूसरे राज्य में गए थे तथा कमरे में वह अपनी छोटी बहन के साथ सोई थी. इस दौरान रात को उसका चाचा उसको कमरे से उठाकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया तथा जान से मारने की धमकियां भी दी. पीडि़ता ने बताया था कि अगली सुबह 3 मई को वह अपनी छोटी बहन को आंगनबाड़ी में छोडऩे गई थी तो इस दौरान भी आरोपी वहां पर पहुंच गया और उसको जल्दी घर जाने के लिए कहने लगा. इस पर पीडि़ता ने वहां पर रोना शुरु कर दिया और तब आंगनबाड़ी की शिक्षिका ने उससे रोने का कारण पूछा जिस पर पीडि़ता ने पूरी बात शिक्षिका को बता दी.
शिक्षिका ने की मदद
इस पर शिक्षिका ने पीडि़ता को लेकर पुलिस थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया. न्यायालय में इस मामले को लेकर अभियोजन पक्ष की ओर से 20 गवाह पेश किए. विशेष न्यायाधीश कृष्ण कुमार की अदालत ने आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा तथा 20 हजार रुपए का जुर्माना की सजा सुनाई. अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी जिला न्यायवादी राजेश वर्मा तथा विशेष अधिवक्ता रामदेव चौधरी ने की.