पच्छाद: तीन मंजिला समुदायिक भवन गिरा, निर्माण कार्य पर उठे सवाल

समुदायिक भवन मलवा

पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नैना टिक्कर पंचायत के नैना टिक्कर में करीब दस साल पहले बने तीन मंजिला समुदायिक भवन बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे गिरने से इस भवन के निर्माण कार्य पर सवालिया निशान उठ गए है। इतना ही नहीं तीन मंजिला भवन के गिरने से साथ लगते रियायशी मकान भी बाल बाल बच गए है। गौरतलब हो कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजीव बिंदल ने 16 अक्टूबर 2010 को इस तीन मंजिला भवन का उद्घाटन किया था।इस भवन पर अलग -अलग मद से करीब अठारह लाख रुपये व्यय हुए है।उसके बाद करीब आठ वर्षों तक इस भवन का पंचायत के लोग लाभ उठा पाए।इस बीच इस भवन का इस्तेमाल पीएचसी नैना टिक्कर के लिए भी इस्तेमाल किया गया था। परंतु भवन की खस्ताहाल के कारण यहां से पीएचसी को निर्माण पूरा होने के तुरंत बाद यहां से शिफ्ट कर दिया था।गौर हो कि पिछले दो वर्षों से इस भवन की दीवारों व दरवाजे पर पंचायत ने खतरे को लेकर पोस्टर लगा दिए थे। करीब दस साल पहले बने इस भवन की खस्ताहाल अंदाजा लगाया जा सकता है कि भवन निर्माण में कितनी अनियमितताएं बरती गई थी।

 

क्योंकि भवन बनने के चंद वर्षों में इस भवन के ग्राउंड फ्लोर में दरारें में बेसमेंट की नींव में समस्या होनी शुरू हो गई थी।उधर इस संबंध में जब पंचायत प्रधान शिशु देवी से बात की तो उन्होंने कहा कि नैना टिक्कर पंचायत के नैना टिक्कर में बने तीन मंजिला भवन पर करीब 18 लाख रुपये व्यय हुए थे। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले इस भवन के आसपास के लोगों ने पंचायत में से मांग की थी कि वह इस भवन की या तो रिपेयर करें क्योंकि इस भवन से आसपास के घरों को खतरा हो सकता है।

जिस पर पंचायत ने इस भवन के छाजे इत्यादि को तुड़वा दिया था। जिससे ज्यादा नुकसान हो सकता था। उन्होंने कहा कि हल्का पटवारी व पंचायत ने भी भवन का जाकर दौरा किया है इस भवन से कोई भी जान-माल की हानि नहीं हुई है।उन्होंने कहा कि पंचायत ने करीब दो वर्ष पहले भवन की दीवार पर खतरे को लेकर नोटिस लगा दिया था।उन्होंने कहा कि हर बरसात में इस भवन के गिरने का खतरा रहता था।इसलिए दो वर्षों से इस तीन मंजिला भवन में आना जाना बंद कर दिया था।