जंगल में भयानक आग से स्वाहा हुई वन संपदा, हजारों का नुकसान

हमीरपुर जिला के अग्घार बीट में दो दिनों से लगी आग ने अधिकतर जंगल आग की चपेट में आने से जलकर राख़ हो गया,जिसमें जंगल में रह रहे जीव जंतु भी आग की चपेट में आ गए क्योंकि गर्मी के मौसम में अधिकतर जीव अपना प्रजनन करते है जिससे उसके अंडे और नबजात बच्चे इस आग की चपेट में आ जाते है. वही जो सरकार हर वर्ष करोड़ो रूपये की प्लांटेशन जंगल को हरभरा रखने के लिए करती है वे करोड़ो रूपये हर वर्ष आग में स्वाह हो जाते, पर भिवाग कहता है की बरसात के मौसम में ये पेड़ पौधे दोवारा से उग आते है. पर हकीकत में ऐसा नहीं होता,वे इसके लिए मिलने वाले बजट के वाद जंगल की तरफ कोई ध्यान नहीं दे पाते. और कुछ सरारती ग्रामीण लोग जंगलो में आग लगा देते जिसमें सब नष्ट हो जाता है. और भिवाग कार्यवाही तो करता है पर वे भी कागजो में सिमट कर रह जाती है.

 

उसको ये जानकारी नहीं होती की एफआईआर करवानी है तो किसके खिलाफ पर वो कागजो को काला करने के पुलिस में मामला दर्ज करवाते है. दो दिनों से धू धू कर जक रहे अग्घार बीट के जगंल में फारेस्ट गार्ड अभिलाष दिन रात जंगल में फायर बाउचर जीत सिंह के साथ आग को नियत्रिंत करने में लगे रहे. पर गर्मी में आग रुकने का नाम तक नहीं ले रहीं थी. और आज शाम आग में नियत्रिंत करने में सफलता मिली.और साथ लगते गांव को आग की चपेट में आने से बचा लिया. इस वारे में डीएफओ एलसी बंदना ने कहाँ की इसकी जानकारी हमें मिली थी और कर्मचारी आग को नियत्रित करने में लगे है. इस वारे हमीरपुर में पिछले वर्ष के मुकाबले 5 से 6 पॉइंट जले है जिसमें 50 हज़ार के करीव नुक्सान हुआ है और प्लांटेशन का आकलन नहीं किया गया है. और अन्तिम वर्ष लाखों, करोड़ो का नुक्सान हुआ था. और जो पलांटेशन जली थी वो रिक्बर हो गई है.