कांगड़ा हवाई अड्डे के लिए पठानकोट-मंडी नेशनल हाई-वे की दिशा बदल जाएगी

पर्यटन और सामरिक दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण कांगड़ा हवाई अड्डे के लिए पठानकोट-मंडी नेशनल हाई-वे की दिशा बदल जाएगी। यानी कि सड़क का विस्तार किस तरफ होगा, एयरपोर्ट से इसकी कितनी दूरी होगी और कहां से इसका रुख बदला जाएगा, इसकी सारी स्थिति दस दिन में स्पष्ट हो जाएगी। नेशलन हाई-वे की रि-अलाइनमेंट का सटीक ब्यौरा दस दिन के भीतर एनएचआई को देना होगा और इसके लिए बाकायदा नेशनल हाई-वे अथारिटी ऑफ इंडिया को तीन प्रोपोजल बनाकर पेश करने होंगे। एयरपोर्ट का रन-वे 1300 मीटर से बढ़कर तीन हजार मीटर तक कर दिया जाएगा। इसके लिए मंडी-पठानकोट एनएच की अलाइनमेंट में भी बड़ा बदलाव होगा और एनएच के नए ट्रैक की जमीन तराशनी होगी।

बुधवार को धर्मशाला में जिला प्रशासन के साथ एनएच व एयरपोर्ट अथारिटी की अहम बैठक हुई है, जिसमें रन-वे का विस्तार 1300 मीटर  से बढ़ाकर तीन हजार मीटर करने और एनएच की अलाइनमेंट परिवर्तित किए जाने के विषय में विस्तार से चर्चा की गई। अब जैसे ही एनएचआई के अधिकारी इन प्रोपोजल को पेश करेंगे, उसके बाद ही सटीक जानकारी सामने आएगी कि रि-अलाइनमेंट में कितना एरिया जद में आएगा। इसके बाद तीनों प्रोपोजल का आकलन किया जाएगा व जो खसरा नंबर रि-अलाइनमेंट में आएंगे, उनका राजस्व विभाग एक प्रोपोजल तैयार कर सरकार को भेजेगा।

उधर, हवाई अड्डे में एनएच का कितना क्षेत्र प्रभावित होगा और एयरपोर्ट के लिए कहां तक कितनी भूमी एक्सपेंड होगी, यह सारी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी। बैठक में एनएचआई व एयरपोर्ट अथारिटी के  अधिकारियों ने अपने-अपने प्रोपोजल पेश किए, लेकिन एनएच की रि-अलाइनमेंट की तस्वीर क्लीयर न होने पर एनएचआई से तीन प्रोपोजल पेश करने को कहा गया है। एनएचआई को यह प्रोपोजल दस दिन के भीतर पेश करने होंगे। इसके बाद ही साफ हो पाएगा कि कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार को लेकर पठानकोट-मंडी नेशलन हाई-वे की रि-अलाइनमेंट में कितना एरिया इसकी जद में आएगा, जिसका आकलन अब किया जाएगा।

रन-वे को 1300 से 3000 मीटर तक बढ़ाया जाना प्रस्तावित है। इसके चलते रन-वे गगल चौक को क्रॉस कर इच्छी तक जाएगा। एयरपोर्ट के साथ लगते एनएच की रि-अलाइनमेंट भी की जाएगी।  ऐसे में एयरपोर्ट विस्तारीकरण की जद में आने वाले फिर लोगों को फिर से विस्थापन का डर सताने लगा है, क्योंकि पहले भी इसका पुरजोर विरोध हुआ है। चूंकि यह केंद्र की योजना है, तो इसका विस्तार तो होकर रहेगा।