अंतराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव का रंग इस बार पड़ेगा फीका

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कुल्लू: कोरोना काल (Corona Virus) में अंतराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में प्राचीन परंपराओं का निर्वहन का स्वरूप सुक्ष्म होगा. इसके लिए कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर (Govind Singh Thakur) की अध्यक्षता में देवसदन कुल्लू (Kullu) के सभागार में बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें दशहरा उत्सव समिति के सरकारी व गैर सरकारी सदस्यों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में दशहरा उत्सव को लेकर विस्तृत चर्चा हुई है. इसमें कोविड-19 को लेकर नई गाइडलाइन के हिसाब से किसी भी धार्मिक कार्यक्रमों को मनाने के लिए 100 लोगों से अधिक लोग एक स्थान पर एकत्र न हो.
इसको लेकर उपायुक्त कुल्लू (DC Kullu) ऋचा वर्मा ने बैठक में दशहरा उत्सव को लेकर क्या स्वरूप होगा और इसको मनाने के लिए भगवान रघुनाथ के मुख्य छड़ी बरदार व कारदार संघ के सदस्यों से सुझाव मांगे. इसमें 2 घंटों तक चली बैठक में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने सभी सदस्यों को चर्चा का मौका दिया.
प्राचीन पंरपराओं के निर्वहन करने का निर्णय
सभी ने प्राचीन पंरपराओं के निर्वहन करने का निर्णय लिया।वहीं बैठक में जिला परिषद सदस्य धनेश्वरी ठाकुर ने भी सुझाव दिया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि जान है तो जहान है. ऐसे में प्राचीन परंपराओं का निर्वहन जरूरी है और कोरोना काल में आम जनमानस के जानमाल का नुकसान न हो, इसके लिए उन्होंने कहा कि इस बार दशहरा उत्सव सूक्ष्म तरीके से मनाया जाए. इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोरोना के नियमों का पालन करते हुए दशहरा पर्व मनाया जाएगा.