कंगना का ऑफिस तोड़ने पर जो कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार ने की है, उसे ठीक नहीं ठहराया जा सकता: जयराम ठाकुर

महाराष्ट्र सरकार और कंगना रनौत (Kangana Ranuat) के बीच छिड़ी जुबानी जंग अब एक्शन तक पहुंच गई है. बीएमसी मुंबई ने कंगना के मुंबई पहुंचने से पहले ही उनका कार्यालय का कुछ हिस्सा तोड़ दिया है. हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से कंगना को केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ (CRPF) का वाई श्रेणी की सुरक्षा दी ,है जबकि हिमाचल सरकार (Himachal Govt) ने भी एक पीएसओ के अलावा पांच पुलिस जवान घर की सुरक्षा के लिए रखे हैं. मामला हिमाचल विधानसभा में भी उठा और मॉनसून सत्र (Monsoon Session) में निर्दलीय विधायक होशियार सिंह ने इस मुद्दे पर सदन में अपनी बात रखी है.

कंगना का ऑफिस तोड़ने पर हिमाचल के मुख़्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है. सीएम ने कहा कि जो कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार ने की है, उसे ठीक नहीं ठहराया जा सकता है. कंगना हिमाचल की बेटी है. हिमाचल ने सुरक्षा का ध्यान रखा है. केंद्र सरकार ने भी सीआरपीएफ की सुरक्षा प्रदान की है. इसके लिए हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद करते हैं. सीएम ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई की हम कल्पना नहीं करते. उनकी सुरक्षा से संबंधित चिंता सभी लोगों को है. अगर जरूरत पड़ी तो महाराष्ट्र के सीएम को भी लिखेंगे और फोन पर भी बात करेंगे. सीएम ने कहा कि जो मुद्दे उठाए हैं. वो भी एक वजह हो सकती है. लेकिन यहां तक नहीं होना चाहिए कि उनके घर को तोड़ दिया जाए और वहां की सरकार ने जरूरत से ज्यादा एक्शन किया है.

कंगना मामले पर कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर ने हिमाचल विधानसभा में कहा कि कंगना हिमाचल की बेटी है. कोर्ट ने दफ्तर तोड़ने पर रोक लगाई है. वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा के विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पर रामलाल ठाकुर ने कहा कि इस पर बोलना हमारा हक नहीं है. और नाही इस पर सदन में चर्चा की आवश्यकता है. हालांकि, सत्तापक्ष के विधायकों ने इसका विरोध जताया है.