शिमला: अनुसूचित जातियों और जनजातियों को नौकरियों न मिलने पर विपक्ष का वॉल्कॉट

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र (Monsoon) में शुरुआत से ही हंगामा देखने को मिल रहा है. सत्र के नौवें दिन भी सदन की कार्यवाही की शुरुआत हंगामा के साथ हुई. गुरुवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही किन्नौर के कांग्रेस (Congress) विधायक जगत सिंह नेगी ने अनुसूचित जातियों और जनजातियों को नौकरियों में आरक्षण न मिलने, शोषण होने, एससी, एसटी कंपोनेंट का पैसा खर्च न होने के विषय पर नियम 67 में चर्चा मांगी थी. लेकिन स्पीकर ने इससे इंकार कर दिया.

इसी बात पर गुस्साए कांग्रेस सदस्य सदन में हंगामा करते नजर आए और सत्तापक्ष और विपक्ष में नोकझोंक हुई. हंगामा बढ़ता गया तो विपक्ष नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चला गया. हालांकि, बाद में कांग्रेस विधायक वापस सदन में लौट आए.

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और संसदीय कार्य मंत्री ने इसकी निंदा की. बाद में प्रश्नकाल साढ़े 11 बजे ही शुरू हो पाया और विपक्ष की गैरहाजिरी में ही यह शुरू हुआ. कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि सदन में एक तिहाई विधायक एससी और एसटी वर्ग से हैं और इसलिए नियम 67 में सारा काम छोड़कर चर्चा की जाए, दलितों और आदिवासियों के बारे में सरकार चर्चा नहीं करना चाहती है. सभी दलित और जनजातीय लोगों का शोषण हो रहा है. स्कॉलरशिप में भी घोटाला हुआ है.