कोरोना संक्रमण के बीच सात महीने बाद लगेंगी नियमित कक्षाएं

कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच आज से  प्रदेश के स्कूल-कालेजों में रेगुलर कक्षाएं लगेंगी। पूरे प्रोटोकाल व सरकार के आदेशों के बाद छात्रों को कक्षाओं में बैठाया जाएगा। इसके साथ ही सोमवार को कितने छात्र स्कूल में पहुंचे, इस पर नजर रखी जाएगी। इसके आधार पर माइक्रो प्लान को देखते हुए शिफ्टों में छात्रों को बुलाने का फैसला होगा। अहम यह है कि सोमवार से प्रदेश के सरकारी व प्राइवेट स्कूल, कालेजों के अलावा अकादमी, कोचिंग सेंटरों में भी छात्रों की कक्षाएं लग सकेंगी। हालांकि इसके लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी छोटे-बड़े शिक्षण संस्थानों को सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा।
एक बैंच छोड़कर छात्रों को बैठाना होगा
छात्रों को क्लासरूम में बैठने की उचित व्यवस्था करनी होगी। एक बैंच छोड़कर छात्रों को बैठाना होगा। शिक्षा विभाग ने स्कूल-कालेजों से डाटा मंगवा लिया है, वहीं स्कूल-कालेजों में पहले दिन कितने छात्र पहुंचे, इस बारे पूरा रिकार्ड भेजना होगा। शिक्षा विभाग चैक करेगा कि शिक्षण संस्थानों में पहले दिन क्या व्यवस्था की गई थी। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि अगर संक्रमण के इस दौर में किसी भी शिक्षण संस्थान के प्रबंधन ने कोई लापरवाही की, तो ऐसे में उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मार्च माह के लंबे अंतराल के बाद अब नौवीं से 12वीं कक्षा व कालेज छात्रों की रेगुलर कक्षाएं लगेंगी। जयराम सरकार की कैबिनेट ने इसको लेकर मंजूरी दी थी। हालांकि स्कूल आने से पहले छात्रों को अभिभावकों का सहमति पत्र जरूरी होगा।