फर्जी गरीब बने अफसरों व कर्मचारियों से रिकवरी शुरू

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने फर्जी गरीब बने अफसरों व कर्मचारियों से रिकवरी शुरू कर दी है। इसके तहत विभाग की ओर से जारी पहली व दूसरी सूची में ट्रेस हुए सात मामलों में अब तक 2.05 लाख रुपए की राशि जमा हो चुकी है, जबकि 1.06 लाख रुपए जल्द जमा करवाने के लिए संबंधित कर्मचारियों को नोटिस के माध्यम से सूचित किया गया है। ऐसे में अभी तक कुल सात में से पांच कर्मियों ने रिकवरी की राशि विभाग के पास जमा करवा दी है।

जानकारी के मुताबिक पहली सूची में गरीबों का हक डकारने वाले पांच कर्मचारी व अधिकारी ट्रेस हुए हैं, जबकि दूसरी सूची में दो और केस सामने आए। ये जो दो केस सामने आए हैं, इनमें एक सदर, तो दूसरा झंडूता उपमंडल से संबंधित है। सदर से संबंध रखने वाले कर्मचारी ने 57073 रुपए विभाग के पास जमा करवा दी है, जबकि झंडूता से ताल्लुक रखने वाले दूसरे कर्मचारी को डाली गई 77000 रुपए की रिकवरी जल्द जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। दोनों से कुल 1,34,073 रुपए रिकवर किए जाने हैं। बता दें कि विभाग ने सभी सात सरकारी कर्मियों को कुल 3,11,280 रुपए की रिकवरी डाली है, जिसके तहत अभी तक पांच कर्मियों ने रिकवरी का पैसा जमा करवाया है, जो कि 2.05 लाख रुपए बनता है, जबकि शेष दो से 1,06214 रुपए आना अभी बाकी हैं।

इन्हें भी जल्द से जल्द रिकवरी का पैसा जमा करवाने के लिए नोटिस दिया गया है और एक हफ्ते के अंदर जवाब मांगा गया है। बता दें कि बिलासपुर जिला में पांच अधिकारी व कर्मचारी ट्रेस हुए हैं, जिसमें मेडिकल ऑफिसर से लेकर क्लर्क तक संलिप्त पाए गए हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के जिला नियंत्रक पवन शर्मा ने खबर की पुष्टि की है।

सूची में काफी बड़े-बड़े नाम है शामिल
पहली सूची में जिला के झंडूता ब्लॉक से एक मेडिकल ऑफिसर, जबकि सदर ब्लॉक से एक लेक्चरर, स्वारघाट से क्लर्क, घुमारवीं ब्लॉक से एक सीनियर असिस्टेंट और एक जेबीटी शामिल हैं। इन पांच में एक बीपीएल और बाकी चार प्रायोरिटी हाउस होल्ड (पीएचएच) में शामिल हैं। इसके बाद जारी हुई दूसरी सूची में सदर व झंडूता से संबंधित दो और कर्मचारी ट्रेस हुए हैं। इनमें एक जेबीटी व एक लेक्चरर है और दोनों ही बीपीएल में शामिल हैं। इनमें से एक कर्मचारी ने रिकवरी का पैसा जमा भी करवा दिया है। अहम बात यह है कि विभाग ने जांच कर पूरी रिपोर्ट सौंपने के लिए ब्लॉक स्तर पर निरीक्षकों को जिम्मा सौंपा है। इसके साथ ही अब एसडीएम को पंचायत स्तर पर जांच-पड़ताल का जिम्मा सौंपा गया है। अगले कुछ दिनों में पंचायतों से भी रिपोर्ट आ जाएगी, जिसमें सामने आए तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई शुरू होगी।