पुलवामा हमला , देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को गुजरात के केवडिया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचर सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Patel) को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान पीएम मोदी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ परेड की सलामी ली. वहीं अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पुलवामा आतंकी हमले (Pulwama Terrorist Attack) को लेकर सवाल उठा रहे विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा.
पुलवामा पर प्रधानमंत्री ने कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बीते साल हुए पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी थे, तब कुछ लोग इस दुख में शामिल नहीं थे. वह इसमें भी अपना स्वार्थ देख रहे थे. देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कही गईं. कैसे-कैसे बयान दिए गए. देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था तब स्वार्थ की भद्दी राजनीति चरम पर थी.
मेरे दिल पर वीर शहीदों का गहरा घाव था: पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि उस समय उन वीरों की तरफ देखते हुए मैं विवादों से दूर रहते हुए सारे आरोपों को झेलता रहा. भद्दी बातों को सुनता रहा. मेरे दिल पर वीर शहीदों का गहरा घाव था, लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आई हैं, जिस पर वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया. हमले के बाद की गई राजनीति इसका बहुत बड़ा उदाहरण है कि कैसे स्वार्थ की राजनीति चरम पर जा सकती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हमें ये हमेशा याद रखना है कि हम सभी के लिए सर्वोच्च हित- देशहित है. जब हम सबका हित सोचेंगे, तभी हमारी भी प्रगति होगी, उन्नति होगी.’ पीएम ने कहा कि मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें, ऐसी चीजों से बचें. अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का.
पीएम ने कहा कि प्रगति के इन प्रयासों के बीच, कई ऐसी चुनौतियां भी हैं जिसका सामना आज भारत, और पूरा विश्व कर रहा है. बीते कुछ समय से दुनिया के अनेक देशों में जो हालात बने हैं, जिस तरह कुछ लोग आतंकवाद के समर्थन में खुलकर सामने आ गए हैं, वो आज वैश्विक चिंता का विषय है. आज के माहौल में, दुनिया के सभी देशों को, सभी सरकारों को, सभी पंथों को, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की बहुत ज्यादा जरूरत है. शांति-भाईचारा और परस्पर आदर का भाव ही मानवता की सच्ची पहचान है. आतंकवाद-हिंसा से कभी भी, किसी का कल्याण नहीं हो सकता
चीन का नाम लिए बिना पीएम ने कहा कि आज के भारत का उसकी सीमाओं के लिए नजर और नजरिया दोनों बदल गया है. आज का भारत सीमा पर सड़कें, पुले बना रहा है. आज भारत की भूमि पर नज़र गड़ाने वालों को मुंहतोड़ जवाब मिल रहा है. आज का भारत सीमाओं पर सैकड़ों किलोमीटर लंबी सड़कें बना रहा है, दर्जनों ब्रिज, अनेक सुरंगें बना रहा है. अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए आज का भारत पूरी तरह तैयार है.