पुलवामा हमला: NIA ने पुलवामा आतंकी हमले मामले में 13,500 पन्नों की चार्जशीट की दाखिल

फाइल फोटो

पुलवामा हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) पुलवामा आतंकी हमले मामले में 13,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर रही है जिसमें कई पाकिस्तानी नागरिकों का नाम और JeM प्रमुख मसूद अज़हर भी शामिल है।

मसूद अजहर के भतीजे उमर फारुक और अदील डार के अलावा हमले में शामिल दहशथगर्दों के बीच बातचीत और व्हाट्सएप चैट की डिटेल्स भी शामिल है. पाकिस्तान से इंटरनेशनल बॉर्डर के ज़रिये आरडीएक्स लाए जाने की पूरी साजिश की डिटेल चार्जशीट में है.

तस्वीरों में- हमले में प्रयुक्त वाहन और आतंकवादी जिन्होंने IED बनाया था : स्त्रोत NIA

NIA ने सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने के मुल्ज़िम बिलाल अहमद कुचे को 8 जुलाई को गिरफ्तार किया था. बिलाल अहमद की गिरफ्तारी कश्मीर के पुलवामा से हुई है. गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने बिलाल को जम्मू की स्पेशल NIA कोर्ट में पेश किया था और अदालत ने 10 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया. बिलाल अहमद इस मामले में गिरफ्तार होने वाला 7वां मुल्ज़िम है.

बिलाल अहम पुलवामा मे आरा मशीन चलाता है और सीआरपीएफ पर हमले से पहले दहशतगर्द अदील अहमद डार और बाकी दहशतगर्दों को अपने घर में पनाह देने में मदद की थी और बाद में ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) जो कि दहशथगर्दों को मदद पहुंचाने का काम करते है, से मिलवाया था.

इतना ही नहीं बिलाल ने दहशतगर्दों को महंगे मोबाइल फोन ले कर दिए जिनके ज़रिए दहशतगर्द पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के आकाओं से बातचीत करते थे. बिलाल के दिलाए मोबाइल से ही अदील अहमद डार का एक वीडियो बनाया गया जो CRPF पर हमले के बाद वायरल किया गया.

40 जवान हो गए थे शहीद
साल 2019 में हुए पुलवामा हमले से जुड़ी यह चार्जशीट जम्मू स्थित NIA की विशेष अदालत में में दाखिल किया जा सकता है. गौरतलब है कि इस हमले को अंजाम देने वाला आदिल अहमद डार समेत इसमें इस्तेमाल हुई IED को बनाने वाला कामरान , सीमा पार से आया आतंकी उमर फारुक एनकाउंटर में जा चुके हैं. इस मामले में अभी तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

NIA जांच में यह बात सामने आई है कि कि आतंकी हमला करने वाले डार समेत अन्य आतंकियों के पास से महंगे फोन मिले हैं जिसमें आतंकी हमले से पहले की कई योजनाएं और तस्वीरें बरामद हुई हैं. जांच में सामने आया है कि लेथपोरा में फर्नीचर की दुकान करने वाले शख्स ने आतंकी डार को अर्धसैनिक बलों के काफिले की पूरी जानकारी दी जिसके बाद इस हमले को अंजाम दिया गया. बता दें इस आतंकी में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे और कई घायल हो गए.