पठानकोट मंडी फोरलेन योजना का भाजपा सरकार ने मजाक बनाकर रख दिया : अजय महाजन

नूरपूर (संजीव महाजन): प्रदेश को सामरिक दृष्टि और जिला कांगड़ा की महत्वाकांक्षी पठानकोट मंडी फोरलेन योजना के प्रथम चरण जोकि महज 37 किलोमीटर है पर सरकार के कथित रवैय्ये तथा जिला कांगड़ा के भाजपा नेताओं व मंत्रियों की चुप्पी पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय महाजन ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने उक्त परियोजना का मजाक बनाकर रख दिया है और इस मसले पर भाजपा दिग्गज मौन अवस्था धारण कर चुके हैं । न तो सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को शुरू कर पाई है और न ही मुआवजे की प्रक्रिया का कोई अता पता है ।
प्रदेश सरकार की ढुलमुल कारगुजारी का बुरा असर प्रभावित हो रहे लोगों पर पड़ रहा है लेकिन प्रभावितों की कोई सुनवाई नही की जा रही है । महाजन ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों के दौरान किसी भी भूमि अधिग्रहण के दौरान फैक्टर दो के हिसाब से चार गुणा मुआवजा देने की घोषणा अपने सनकल्पपत्र मे की थी लेकिन यह सब हवाई तीर ही साबित हुआ है ।महाजन ने कहा कि फैक्टर दो तो दूर की बात है सरकार ने पहले तय किये हुए सर्कल रेटों में भी 40 फीसदी की कटौती की बात सामने आने पर भाजपा का असली चेहरा सामने ला दिया है । महाजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने मन की बात कार्यक्रम में सार्वजनिक घोषणा की थी कि फैक्टर दो के हिसाब से चार गुणा मुआवजा दिया जाएगा लेकिन इसके बावजूद प्रभावित हो रहे लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है ।
महाजन ने जिला कांगड़ा के भाजपा दिग्गजों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे सब इस मसले पर मौन धारण कर क्यों बैठे हुए हैं । महाजन अनुसार उक्त योजना पर कांग्रेस पार्टी सहित विभिन्न संगठनों और संघर्ष समितियों ने प्रभावित हो रहे लोगों का पक्ष अनेक बार सरकार के समक्ष रखने का भरपूर प्रयास किया यहां तक कि प्रभावितों ने आमरण अनशन भी किये लेकिन इस मसले पर यहां एक ओर सरकार तीन साल से प्रभावितों को टरकाते हुए अपनी संवेदनहीनता को दर्शा रही है तो अपने आप को जिला भाजपा के दिग्गज नेता कहलवाने वाले भाजपा नेता और जनप्रतिनिधियों ने भी मौन धारण कर लिया हुआ है । महाजन ने कहा कि उक्त मार्ग पर पंजाब में पड़ते भाग पठानकोट से चक्की पड़ाव तक उक्त योजना का काम युद्ध स्तर पर चला हुआ है लेकिन हिमाचल में डब्बल इंजन की सरकार होने के बावजूद परियोजना का एक इंच भी आगे न बढ़ना सरकार की कार्यशैली पर अनेक प्रश्नचिन्ह लगा रहा है ।