सराहां में नॉन कोविड 100 बिस्तरों का अलग अस्पताल बनाया जाए, प्रेस क्लब पच्छाद ने उठाई मांग

सराहां सिविल अस्पताल परिसर को डेडिकेटिड कोविड अस्पताल बनाये जाने के बाद साथ लगते पुराने भवन में ओपीडी के चलने से संक्रमण का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस नई व्यवस्था से स्थानीय लोगो के साथ साथ क्षेत्र के 40 पंचायतों के लोग सकते में हैं। इस समस्या के उचित समाधान के लिए प्रेस क्लब पच्छाद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि यहाँ 100 बिस्तरों का अलग अस्पताल बनाया जाए ताकि नॉन कोविड डिजीज के रोगी बिना किसी भय के अपना इलाज करवा सकें। इस बाबत प्रेस क्लब पच्छाद ने विधायक रीना कश्यप के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भेजा

सराहां सिविल अस्पताल को विभाग ने डेडिकेटिड कोविड अस्पताल बनाया हुआ है
गौरतलब है कि कोरोना वैश्विक महामारी के बीच सिरमौर जिला के सराहां स्थित सिविल अस्पताल को विभाग ने डेडिकेटिड कोविड अस्पताल बना दिया और बाद में इस अस्पताल को टर्सरी अस्पताल बनाने की मुहिम छेड़ दी। लेकिन अधिकारियों ने इस बात को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया कि नॉन कोविड मरीजों का इलाज कैसे ओर कहा होगा। यहां यह भी गौर करने की बात है कि स्थानीय लोग न तो बाहर से अस्पताल ने आ रहे कोरोना मरीजों का विरोध कर रहे हैं न ही इस सरकारी व्यवस्था का कोई विरोध हो रहा है। सभी लोग अलग से 100 बिस्तरों वाले सभी सुविधाओं से लैस सिविल अस्पताल की मांग कर रहे हैं . मौजूद समय मे सराहां अस्पताल की हालत यह है कि यहां रेंडम सेम्पल लिए जा रहे हैं जिसमे कोरोना पॉजिटिव मरीज भी सामने आ रहे हैं अस्पताल की जिस लेबोरटरी में दूसरे टेस्ट किये जा रहे हैं उसी के साथ रेंडम सेम्पलिंग भी हो रही है।

कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है
यही नही गर्ववती महिलाओं व छोटे बच्चों का टीकाकरण व जांच का कार्य साथ लगते भवन में होता है। आननफानन में लागू इस व्यवस्था के बाद सराहां सहित पच्छाद क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी स्व बढ़ रही है क्योंकि कोरोना का पहला कोरोना रोगी अस्पताल का ही एक कर्मचारी था। उसके बाद साथ लगते कृषि एवम ग्रामीण बैंक ,एसडीएम ऑफिस ,थाना सराहां गांव,सराहां बाजार व साथ लगते गांव में भी संक्रमण फैलता जा रहा है। इस समस्या का समुचित समाधान यही है कि सराहां का सिविल अस्पताल अलग से बनाया जाए जिसमे सभी तरह की सुविधाएं हों विधायक रीना कश्यप ने विश्वास दिलाया कि वह इस मसले को गम्भीरता से उठाएंगी वह स्वयं मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर इस समस्या का समाधान निकालेंगी।