कुल्लू: पर्यटन गतिविधियों को सरकार ने किया बहाल

कुल्लू जिला में पर्यटन साहसिक गतिविधियों को सरकार ने बहाल कर दिया है. मार्च से कोरोना काल शुरू होने के बाद लॉकडाउन (Lockdown) व अनलॉक पीरियड के दौरान पर्यटन कारोबार व साहसिक गतिविधियां बंद कर दी गई थी. अब सरकार से अनुमति मिलने के बाद पर्यटकों (Tourist) का इंतजार किया जा रहा है. कुल्लू जिला में पर्यटन साहसिक गतिविधियों से जुड़े हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिली है.

व्यास नदी में राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग की अनुमति
जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से अधिसूचना के अनुसार, अब चिन्हित ढलानों और व्यास नदी में राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग की अनुमति प्रदान कर दी गई है. जिला में अनुमति प्रदान करने के बाद पर्यटन विभाग और अटल बिहारी वाजपेई पर्वतारोहण संस्थान मनाली के अधिकारियों ने राफ्टिंग उपकरणों की जांच शुरू कर दी है. पैराग्लाइडिंग उपकरणों की जांच की तिथि 23 सितंबर को निर्धारित की गई है. यह उपकरण डोभी विहाल में जांचे जाएंगे.

अटल बिहारी वाजपेई पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक नीरज राणा ने बताया कि हर साल 15 जुलाई से 15 सिंतबर तक पर्यटन साहसिक गतिविधियां बंद रहती है. ऐसे में इस वर्ष कोरोना के चलते इसमें खुलने की संभावना नहीं थी, लेकिन सरकार ने पर्यटन साहसिक गतिविधियां को बहाल की हैं.. ऐसे में राफ्टिंग और पैराग्लाइडिंग करने की अनुमति प्रदान कर दी गई हैं. सरकार की एसओपी के तहत यह साहसिक खेल गतिविधियां चलें, इसको लेकर विभाग और संस्थान इसे रेगुलेट करेंगे. उन्होंने कहा कि गतिविधियां शुरू होते ही बवेली के पास राफ्टिंग उपकरणों को जांचा गया है, ताकि किसी प्रकार का हादसा ना हो और नियम ना टूटें. फिलहाल, पर्यटकों के कम आने की उम्मीद है. राफ्टिंग और पैराग्लाईडिंग ऑप्ररेटरों को पर्यटन विभाग और पर्वतारोहण संस्थान की ओर से भी जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.