कोटखाई गैंगरेप : गुड़िया का परिवार पहुंचा हाईकोर्ट, याचिका की दायर

फाइल फोटो
शिमला: हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के बहुचर्चित कोटखाई गैंगरेप और मर्डर (Kotkhai Gangrape and Murder) केस में गुड़िया का परिवार हाईकोर्ट पहुंचा है. सीबीआई जांच से नाखुश परिवार ने हिमाचल हाईकोर्ट (Himachal High Court) में पुर्नविचार याचिका दाखिल की है. गुरुवार को कोर्ट में याचिका डालने पहुंचे गुड़िया के माता-पिता ने कहा कि वह सीबीआई (CBI) जांच से सतुंष्ट नहीं है और चाहते है कि हाईकोर्ट के किसी सीटिंग जज से मामले की जांच करवाई जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट ने दिया था सुझाव
दरअसल, बीते सप्ताह परिजनों और गुड़िया के न्याय की लड़ाई लड़ रहे एक ट्रस्ट ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर याचिका डाली थी. इस पर सुप्रीट कोर्ट ने कहा था कि वह इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करें. सुप्रीम कोर्ट के कहने पर ही अब परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. बीते गुरुवार को गुड़िया की मां की याचिका की सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने पाया कि हिमाचल हाईकोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लिया था. सीबीआई ने मामले की जांच की थी. इन परिस्थितियों में प्रार्थी को हाईकोर्ट में सभी शिकायतों के निवारण को याचिका दायर करनी चाहिए.
2017 का यह मामला
4 जुलाई 2017 का यह मामला है. शिमला के कोटखाई में दांदी जंगल में 16 साल की नाबालिग स्कूली छात्रा मृत मिली थी. हाईकोर्ट ने मामले में संज्ञान लेते हुए इसकी जांच सीबीआई को दी थी. मामले में लॉकअप में पूछताछ के दौरान एक नेपाली को मौत के घाट उतारा गया, जिसके आरोपी आईजी, एसपी समेत नौ पुलिसकर्मी बनाए गए. सीबीआई ने मामले में एक चिरानी नीलू को गिरफ्तार किया. उसे ही इस हत्या और दुराचार का आरोपी बनाकर मामले में कोर्ट में चालान पेश किया. अब कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है. वहीं, मामले के एक आरोपी सूरज कस्टोडियल डेथ केस में चंडीगढ़ में सुनवाई चल रही है.