भारत ने दिया कोरोना वायरस वैक्सीन की 600 मिलियन खुराक का प्री ऑर्डर

नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले 82 लाख पार कर गए हैं. अब तक 1 लाख 20 हजार से ज्यादा लोगों की जान इस वायरस के संक्रमण से जा चुकी है. देश की तीन कंपनियां कोरोना की वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) डेवलप करने में जुटी है. इस बीच भारत ने कोरोना वायरस वैक्सीन की 600 मिलियन खुराक के प्री-ऑर्डर के लिए अपनी विनिर्माण क्षमता का इस्तेमाल किया है. भारत अब इसके बाद एक अरब खुराक के लिए बातचीत भी कर रहा है. एक स्टडी के मुताबिक, इतनी वैक्सीन भारत की कम से कम आधी आबादी का टीकाकरण करने के लिए पर्याप्त है. ज्यादातर टीकाकरण में दो खुराक की जरूरत पड़ती है.

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की एक खबर के मुताबिक, ग्लोबल एनालिसिस कंपनी एडवांस मार्केट कमिटमेंट्स (Advance Market Commitments) ने अपनी हालिया स्टडी में इसकी जानकारी दी है. अमेरिका के बाद भारत दूसरा ऐसा देश है, जिसने वैक्सीन की अब तक इतने ज्यादा प्री ऑर्डर दिए हैं. अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन के लिए पहले 810 मिलियन खुराक का ऑर्डर दिया था और अब 1.6 बिलियन के लिए बातचीत जारी है. बता दें कि अमेरिका और भारत दो ऐसे देश हैं, जो कोरोना का सबसे ज्यादा कहर झेल रहे हैं.

ड्यूक ग्लोबल हेल्थ इनोवेशन सेंटर के असिस्टेंट डायरेक्टर (प्रोग्राम) एंड्रिया डी टेलर बताते हैं, ‘यूएसए ने सबसे बड़ी संख्या (810 मिलियन) खुराक का प्री-ऑर्डर दे दिया है. इसके बाद भारत ने 600 मिलियन खुराक के प्री ऑर्डर की पुष्टि की है और 1 अरब खुराक के लिए बातचीत जारी है. यूरोपीय संघ ने 400 मिलियन खुराक की पुष्टि की. साथ ही 1.565 अरब खुराक के लिए बातचीत जारी है. कनाडा ने अपनी जनसंख्या के 527% हिस्से को कवर करने के लिए पर्याप्त वैक्सीन खरीद ली है, इसके बाद ब्रिटेन का नंबर आता है.’

उधर, रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने दावा किया है कि 20 देशों ने वैक्सीन ‘स्पूतनिक-वी’ के लिए प्री-ऑर्डर कर दिया है. उन्होंने बताया कि दुनिया के 20 देशों ने वैक्सीन की करोड़ों डोज खरीदने में रुचि दिखाई है. इसमें भारत और अमेरिका भी शामिल है. रूसी डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (आरडीआईएफ) वैक्सीन को बड़ी मात्रा में बनाने और विदेशों में प्रमोट करने में निवेश कर रहा है.