भारत ने क्रांतिकारी बदलावों के लिए वैश्विक महामारी के बीच देश में संरचनात्‍मक सुधार किए: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम, शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में तीन सुधारों की सराहना की है। उन्‍होंने कहा‍ कि देश ने क्रांतिकारी बदलावों के लिए वैश्विक महामारी के बीच संरचनात्‍मक सुधार किए हैं। कनाडा में आज इन्‍वेस्‍ट इंडिया सम्‍मेलन को वर्चुअल रूप से संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के सुधारों के फलस्‍वरूप कारोबार करना आसान बनाने के मामले में देश की रैंकिंग में महत्‍वपूर्ण सुधार हुआ है।
देश दवाओं के केंद्र के रूप में उभरा
वर्ष 2019 के दौरान देश में प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश में महत्‍वपूर्ण वृद्धि का उल्‍लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में कम्‍पनी अधिनियम के कईं प्रावधानों के तहत कुछ गतिविधियों को अपराध की परिभाषा से बाहर कर दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश के नियमों में छूट देने, कर प्रणाली को आसान बनाने और अन्‍य महत्‍वपूर्ण बदलावों के जरिए कई सुधार किए गए हैं। मोदी ने कहा कि महामारी के दौरान देश दवाओं के केंद्र के रूप में उभरा और जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करके दुनिया के एक सौ 50 से अधिक देशों को सहायता उपलब्‍ध कराई।
भारत में सबके लिए अवसर मौजूद
प्रधानमंत्री ने कहा कि नए भारत में सबके लिए अवसर मौजूद हैं। देश के बारे में हर किसी के नज़रिए और धारणा में परिवर्तन का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि भारत में वे सभी आवश्‍यक और महत्‍वपूर्ण खूबियां हैं जो निवेश आकर्षित करने के लिए होनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि देश में गतिशील लोकतंत्र, सरकार की स्थिरता, व्‍यवसाय में पारदर्शिता और विशाल बाजार की उपलब्‍धता सभी निवेशकों के लिए लाभप्रद परिणाम सुनिश्चित करते हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने लगभग 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्‍ध कराने के ज़रिए महामारी के बीच देश के नागरिकों की किस तरह देखभाल की। उन्‍होंने कहा कि लगभग 40 करोड़ लोगों को प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण योजना से फायदा हुआ। व्‍यवस्‍था में आमूल परिवर्तन के लिए आवश्‍यक सुधार के कारण यह संभव हुआ। भारत के लचीलेपन का उल्‍लेख करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश ऐसे समय समाधानों की भूमि के रूप में उभरा जब पूरी दुनिया महामारी के दुष्‍प्रभावों से जूझ रही थी।