भारत-चीन तनाव: 45 साल में पहली बार LAC पर फायरिंग की खबर

लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव (India-China Border Tension) बढ़ता ही जा रहा है. सोमवार देर रात पैंगॉन्ग त्सो (Pangong Tso) झील पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास भारत और चीन के सैनिकों में गोलीबारी की घटना हुई है. चीन की सरकारी मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने भारतीय सैनिकों पर पैंगॉन्ग त्सो के दक्षिणी किनारे पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है. हालांकि, सेना से जुड़े सूत्रों का कहना है कि चीन की ओर से भारतीय क्षेत्र में पहले फायरिंग की गई, जिसके बाद भारत की तरफ से जवाबी कार्रवाई हुई. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया गया है. खास बात यह है कि 1975 के बाद सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच इस तरह से पहली बार फायरिंग हुई है.

चीनी रक्षा मंत्रालय, चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के वेस्टर्न थियेटर कमान के प्रवक्ता कर्नल झांग शुइली की ओर से एलएसी पर ताजा हालात को लेकर बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि भारतीय सैनिकों की ओर से कथित ‘उकसावे’ की कार्रवाई की गई, जिससे चीनी सैनिकों की ओर से जवाबी कार्रवाई हुई.

चीनी मीडिया के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब चीनी सेना की पेट्रोलिंग पार्टी भारतीय जवानों से बातचीत करने के लिए आगे बढ़ी, तो उन्होंने जवाब में वॉर्निंग शॉट फायर किए. अभी तक चीन के इस बयान पर भारत सरकार या भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.

LAC पर 5 जून से बरकरार है तनाव
बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच लंबे समय से तनाव बरकरार है. दोनों देशों के सैनिकों के बीच बीते 5 जून को गलवान घाटी में बड़ी हिंसक झड़प हुई थी. इसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे. चीन को भी भारी नुकसान हुआ था. अंतराराष्ट्रीय मीडिया में कहा गया था कि इस झड़प में चीन के 35 से 40 सैनिक मारे गए हैं, लेकिन चीन ने अब तक अपने मारे गए सैनिकों की संख्या नहीं बताई. तब से दोनों ओर से सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश जारी है.