सदन ने पूर्व विधायक रामनाथ शर्मा के निधन पर शोक जताया

सदन ने पूर्व विधायक रामनाथ शर्मा के निधन पर शोक जताया। बुधवार की कार्यवाही शोकोद्गार से प्रारंभ हुई, जिसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्व विधायक का निधन होने की जानकारी दी। सीएम ने कहा कि स्वर्गीय रामनाथ शर्मा का जन्म दो अप्रैल, 1946 को ऊना जिला के नेरी गांव में हुआ था। उन्होंने दसवीं करने के बाद नौसेना में आठ साल तक काम किया। बाद में वह लोगों को निशुल्क चिकित्सा देते रहे। वह 1977 में विधानसभा के लिए चुने गए और इसके बाद 1985 में दूसरी दफा चुने गए। इस दौरान वह सरकार में कई बोर्ड व निगमों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष रहे, वहीं विधानसभा उपाध्यक्ष के पद को भी सुशोभित किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि स्वर्गीय रामनाथ शर्मा का 40 से 45 साल का कैरियर रहा है, जिसमें उन्होंने जनसेवा की। वह वन निगम व स्मॉल सेविंग में उपाध्यक्ष रहे, वहीं विधानसभा के उपाध्यक्ष भी बने।

खुदरो दरख्तान मिलकीयत सरकार के कानून को लागू करने की उनकी लड़ाई रही है। वर्ष 2007 में उन्होंने आखिरी चुनाव लड़ा। विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि वह जमीन से उठे नेता थे, जिन्होंने कुटलैहड़ में जंगलों के मुद्दे को उठाया। विधायक बलबीर सिंह ने रामनाथ शर्मा देसी भाषा में बात करके सभी का मन मोह लेते थे। विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने भी उनके निधन पर दुख जताया, वहीं विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से सदन में रामनाथ शर्मा के दुखद निधन पर शोक जताया। विधायक इंद्र दत्त लखनपाल और गोबिंद सिंह ठाकुर ने भी शोक जताया। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि स्वर्गीय राम नाथ का जीवन सामाजिक दृष्टि से परिपूर्ण रहा है।

 

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