हिमाचल : राज्य में मंदिर के द्वार सरकार के निर्देशानुसार खुले

कोरोना वायरस की महामारी (Coronavirus Epidemic) के करीब 6 महीने बाद शिमला समेत प्रदेश में भगवान के द्वार सरकार के निर्देशानुसार खुल गए हैं. जबकि मंदिरों में कोरोना को लेकर जारी किए गए सभी निर्देशों का पालन भी किया जा रहा है. बात अगर राजधानी की जाए तो यहां के प्रसिद्ध मंदिर जाखू, तारा देवी, संकट मोचन, गंज मंदिर और राम मंदिर (Ram Mandir) निर्देशों के साथ 10 सितंबर को खुल गए हैं और यहां पर भक्तों को प्रसाद की जगह सैनिटाइजर (Sanitizer) मिल रहा है. यही नहीं, भक्तों को भगवान को दूर से देख कर ही संतोष करना पड़ रहा है. सरकार के आदेश के मुताबिक, मंदिर में प्रसाद बांटने, जल छिड़कने और मूर्ति को छूने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है. इसके अलावा मंदिर में आने और जाने के रास्ते को भी बदला गया है. मंदिर परिसर में कोई इधर-उधर हाथ ना लगाएं इस बात को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले मंदिर की घंटियों को ढक दिया गया है और भक्त रैलिंग्स को हाथ न लगाएं इसको लेकर भी बार-बार लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

शिमला के प्रसिद्ध गज मंदिर में भक्तों के प्रवेश होते ही उन्हें सबसे पहले हाथ सैनिटाइज करवाए जा रहे हैं और थर्मल स्कैनिंग के बाद हर भक्तों का रिकॉर्ड रजिस्टर पर नोट किया जा रहा है. डाटा कलेक्ट करने वाला व्यक्ति पीपीई किट पहनकर मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठाया गया है. भक्त मूर्तियों से पर्याप्त दूरी बना कर खड़े रहें उसको लेकर मुख्य मूर्ति के सामने रस्सी लगाई गई है और एक समय में एक ही व्यक्ति को मंदिर परिसर में अंदर आने की इजाजत दी गई है. मंदिर में दर्शन करने पहुंचे स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी लंबे समय के बाद मंदिर खुलने से वह बहुत खुश हैं लेकिन कोविड को लेकर मंदिर में की गई व्यवस्था के कारण वह अब मंदिर में पहले जैसा समय नहीं व्यतीत कर पा रहे हैं. कोरोना को लेकर की गई व्यवस्था को लोगों को ने जरूरी भी बताया है क्योंकि सावधानी बरतने से ही इस संक्रमण से बचा जा सकता है.