हिमाचल: विश्वविद्यालय में पीजी कक्षाओं में दाखिला लेने बिना एंट्रास के छात्रों प्रवेश मिल सकेगा

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में पीजी कक्षाओं में दाखिला लेने के लिए पहली बार को बिना एंट्रास के छात्रोंप्रवेश मिल सकेगा। इस बाबत एचपीयू ने गुरूवार को अधिसूचना जारी कर दी। अब ग्रेजुएशन के बाद सीधे मैरिट लीस्ट तैयार की जाएंगी, वहीं छात्रों को पात्र परीक्षा के प्राप्तांको के आधार पर ही दाखिला दिया जाएंगा। एचपीयू के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर ने कहा कि पीजी कक्षाओं में दाखिला लेने के लिए छात्रों को संबधित विषयों में मैरिट लेना आवश्यक है।
छात्रों की भी तैयार मैरिट लीस्ट
उन्होंने कहा कि एमबीए, एमटीए, के छात्रों का भी ग्रुप डिस्कशन, पर्सनल इंटरव्यू लेना संभव नहीं है, वहीं एमफील, एलएलएम के छात्रों की भी मैरिट लीस्ट तैयार होगी। इसके अलावा बीएड में दाखिला लेने वाले छात्रों का 27 अक्तूबर को प्रवेश परीक्षा ली जाएंगी। एचपीयू कुलपति ने कहा कि यूजीसी ने एक नवबंर से कक्षाएं लगाने को कहा है, ऐसे में एंट्रास टेस्ट की तैयारियां इतने कम समय में करवाना संभव नहीं है। बता दे कि एचपीयू ने इससे पहले 10 अक्तूबर से पीजी कक्षाओं में दाखिले से पहले एट्रांस शुरू करने को लेकर शैड्यूल तैयार किया था। लेकिन छात्रों के विरोध करने के बाद एचपीयू प्रशासन ने एंट्रास टेस्ट लेने के फैसले को रद्द कर मैरिट आधार पर ही पीजी कक्षाएं शुरू करने को कहा है। वीसी का कहना है कि कोविड – 19 के चलते एंट्रास टेस्ट के फैसले को रद्द किया गया है।
पहली बार ऐसा होगा
फिलहाल अब पहली बार ऐसा होगा कि बिना एंट्रास के ही पीजी के विभिन्न कोर्सिंस में छात्रों को दाखिला मिल सकेगा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड और यू.जी.सी. की नई गाईडलाईंस को देखते हुए विश्वविद्यालय ने यह निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इस बार प्रवेश परीक्षाएं नहीं होंगी और मैरिट पर प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश प्रक्त्रिया यू.जी.यी. की गाईडलाईंस के अनुसार 30 अक्तूबर से पहले पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि बी.एड. में 27 अक्तूबर को होने वाली प्रवेश परीक्षा की मैरिट के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा। बी.एड. की प्रवेश परीक्षा आगामी होनी है। उन्होंने कहा कि एम.बी.ए. और एम.टी.ए. में दाखिले के लिए इस बार कोविड के चलते ग्रुप डिस्कशन व साक्षात्कार आयोजित करना भी संभव नहीं है। एम.फिल., एलएल.एम. और एम.टैक. के सभी कोर्सों में भी दाखिला मैरिट के आधार पर ही प्रदान किया जाएगा।