हिमाचल: छात्रों को अगर शिक्षक से मिलना है, तो अप्वाइंटमेंट लेकर आना होगा

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं से 12 तक के छात्रों को अगर शिक्षक से मिलना है, तो अप्वाइंटमेंट लेकर आना होगा। यानी कि स्कूल आने से पहले छात्रों को अपने विषय से संबंधित शिक्षक को कॉल करनी होगी, उनसे समय लेना होगा। सरकार के आदेशों के बाद शिक्षा विभाग ने नई एसओपी स्कूलों के लिए जारी की है। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने आदेश दिए हैं कि स्कूल में छात्रों को मास्क के बिना एंट्री न दी जाए।
साथ ही स्कूल प्रबंधन अपने पास भी मास्क का कोटा रखें, ताकि अगर किसी छात्र का मास्क फट जाता है या गिर जाता है, तो स्कूल प्रबंधन उसे मुहैया करवाएगा। वहीं स्कूल प्रबंधन की ही जिम्मेदारी होगी कि वह छात्रों के बार-बार हाथों को सेनेटाइज करवाए। वहीं सोमवार को जिस तरह से स्कूल खुले, तो काफी उत्साहित शिक्षक व छात्र नजर आए। स्कूल के पहले दिन 30 प्रतिशत छात्र भी स्कूल में शिक्षकों से सिलेबस से जुड़ी समस्याओं को पूछने के लिए आए।
सरकार की एसओपी को जारी रखते हुए फैसला लिया
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार की एसओपी को जारी रखते हुए फैसला लिया कि स्कूल खुलने के बाद शिक्षकों को छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाना होगा, इसके साथ ही स्कूलों से टेलिग्राम के माध्यम से भी छात्रों को पढ़ाने के आदेश हुए हैं। इसके साथ ही इस आधार पर भी स्कूलों में शिक्षकों को बुलाया जाएगा, ताकि छात्रों की ऑनलाइन कक्षाएं भी आईसीटी लैब से शुरू की जा सकें। प्रदेश में 94 प्रतिशत छात्रों तक ऑनलाइन स्टडी सही रूप से पहुंच रही है।
कोताही पर प्रधानाचार्य जवाबदेह
नई एसओपी में यह भी बताया गया है कि छात्रों को स्कूल में एक साथ न बुलाया जाए। दो व तीन भागों में छात्रों को स्कूलों में बुलाया जाए। यह भी कहा है कि अगर कोई कोताही हुई, तो ऐसे में स्कूल प्रधानाचार्य से जवाबदेही ली जाएगी। शिक्षा विभाग की जारी नई एसओपी के तहत छात्रों को पांच व दस के गेप में बिठाया जाए। फिलहाल शिक्षा विभाग ने कोरोनाकाल के बीच ये नए आदेश स्कूलों को जारी किए हैं।