हिमाचल: राज्य हुआ पूरी तरह अनलॉक,पंजीकरण का झंझट ख़त्म

हिमाचल प्रदेश में अब सभी लोगों को एंट्री मिल सकेगी। एंट्री के लिए अब किसी भी तरह की रेजिस्ट्रेशन नहीं करवानी होगी। बाहर से आने वाले लोगों को अब नेगटिव रिपोर्ट लाने की जरूरत भी नही पड़ेगी। अब सिर्फ केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स ही लागू होंगी। लिहाजा अभी तक राज्य के बाहरी रूटों पर बसें फिलहाल नहीं चलेंगी लेकिन आवाजाही बाकी किसी माध्यम से की जा सकती है।

मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें ये फैसला लिया गया है। क्वारेटिन की नियमों में भी ढील दी गई है। अब लक्षण आने पर ही क्वारेटिन किए जाएंगे। जिनमें अधिकतर लोगों घरों में ही क्वारेटिन किया जाएगा। फ़िलहाल बढ़ते कारोना मामलों के बीच छूट पूरी तरह मिल गई है।सरकारी अधिसूचना का इंतज़ार है। कल तक अधिसूचना जारी हो सकती है। अधिसूचना के बाद लागू होगा कैबिनेट का फ़ैसला।

इससे सरकार की आर्थिकी को जहां संबल मिलेगा, वहीं आम दिनों की तरह सुचारू गतिविधियां हो पाएंगी। इस फैसले के बाद प्रदेश का पर्यटन कारोबार भी पटरी पर लौटेगा, जिसके बंद होने से लाखों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में एक और अहम निर्णय लिया गया कि अंतरराज्यीय परिवहन सेवाएं फिलहाल प्रदेश में बंद रहेंगी। साथ ही शिक्षण संस्थानों को खोलने बारे भी फैसला नहीं हो सका है। बैठक में पर्यटन उद्योग को राहतें देने बारे भी फैसला लिया गया। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के वक्त से ही करीब साढ़े पांच माह से प्रदेश के बॉर्डर सील हैं। हालांकि सरकार ने अनलॉक के दौरान प्रदेश में पंजीकरण के बाद आवागमन की छूट दी है।

साथ ही सैलानियों को भी कम से कम दो रातों तक रुकने की छूट है, बावजूद इसके पंजीकरण के बगैर कोई भी व्यक्ति प्रदेश में प्रवेश नहीं कर पा रहा था। मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में पंजीकरण के बगैर आवागमन की छूट देने का फैसला लिया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंत्रिमंडल की बैठक में नेरवा को नगर पंचायत बनाने का फैसला भी लिया गया। नेरवा चौपाल उपमंडल का कारोबार का प्रमुख केंद्र है। साथ ही यहां की आबादी भी लगातार बढ़ रही है। लंबलू व परवाणू को उपतहसील बनाने का फैसला भी कैबिनेट की बैठक में लिया गया। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले आवासों के लाभार्थियों को मिलने वाले उपदान में 20 हजार की बढ़ोतरी करने का फैसला भी लिया गया। मंत्रिमंडल के फैसले के बाद उपदान की राशि एक लाख 65 हजार से बढ़ा कर एक लाख 85 हजार कर दी गई है। सरकार के इस निर्णय का फायदा हजारों लोगों को होगा।

सरकार ने अंतरराज्यीय बसों के संचालन पर फैसला नहीं लिया
कैबिनेट बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि बाहर से आने वालों में यदि कोरोना के लक्षण दिखें तो उन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा. उनका टेस्ट लेने पर जरूरत पड़ी तो अस्पताल में भर्ती किया जाएगा. वहीं, अभी सरकार ने अंतरराज्यीय बसों के संचालन पर फैसला नहीं लिया है. हालांकि, बताया जा रहा है कि अक्‍टूबर में बसों का संचालन शुरू हो सकता है. अब अस्पतालों में भर्ती कोविड पॉजिटिव मरीज को 10 दिन बाद लक्षण न होने की स्थिति में बिना टेस्ट किए घर पर 10 दिन के लिए आईसोलेट किया जाएगा. राज्य आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग बुधवार को आधिकारिक रूप से आदेश भी जारी कर देगा.

यह भी फैसले हुए
कैबिनेट ने शहरी आवास योजना में सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का फैसला लिया है. शिमला के नेरवा को नगर पंचायत बनाने का फैसला लिया गया है. नर्सिंग कॉलेजों में प्रबंधन के पास आधारभूत ढांचा नहीं हुआ कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी जाएगी. जांच करने के लिए कमेटियां गठित होंगी और 3 महीने के भीतर यह नर्सिंग कॉलेजों के इंस्पेक्शन करेंगी. वहीं नर्सिंग पॉलिसी में 100 बेड वाले अस्पतालों में नर्सिंग कोर्स शुरू करने को मंजूरी दी.

100 बेड वाले अस्पतालों में नर्सिंग कोर्स, बार खोलने को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने ईको टूरिज्म और नर्सिंग पॉलिसी को भी मंजूरी दी. ईको टूरिज्म पॉलिसी के जरिये जहां रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों को वन्य पर्यटन के लिए खोलने का प्रयास होगा. कैबिनेट ने शराब बार खोलने की मंजूरी दे दी है. राज्य कर एवं आबकारी विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. इसके लिए एसओपी भी बनाया गया है.

परवाणू और लंबलू में राजस्व सब तहसील खोलने को मंजूरी
कैबिनेट ने परवाणू और लंबलू में राजस्व सब तहसील खोलने को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट ने जिला सोलन के परवाणू और हमीरपुर जिला के लंबलू में सब तहसील खोलने का निर्णय लिया है. इन दोनों दफ्तरों के लिए स्टाफ भी स्वीकृत किया है.