हिमाचल प्रदेश से इंटर स्टेट सेवा शरू

हिमाचल प्रदेश से इंटर स्टेट बसों की आवाजाही बुधवार से शुरू कर दी गई है । नवरात्रों में धार्मिक पर्यटन को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 14 अक्तूबर से हिमाचल पथ परिवहन निगम की अंतरराज्यीय बस सेवाओं के परिचालन का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में 25 रूटों पर अंतरराज्यीय बस सेवाएं आरंभ की जाएंगी।
इनमें चंडीगढ़, पठानकोट, बद्दी, होशियारपुर, लुधियाना, अंबाला, हरिद्वार इत्यादि प्रमुख हैं। अंतरराज्यीय रूटों पर फिलहाल सिर्फ नॉन एसी बसें ही चलाई जाएंगी। अंतरराज्यीय बस रूटों में रात्रि बस सेवाएं भी सम्मिलित की गई हैं। परिवहन मंत्री ने कहा कि नवरात्रों और त्यौहारों के मद्देनजर लोगों को सुविधा प्रदान करने के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने यह निर्णय लिया है। पिछले कुछ समय से आम लोग भी अंतरराज्यीय बस सेवाएं आरंभ करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही अन्य राज्यों के लिए भी अंतरराज्यीय बस सेवाओं का परिचालन आरंभ किया जाएगा। अंतरराज्यीय रूटों पर बसों के परिचालन के लिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
गौरतलब है कि दूसरे राज्यों में बसों की आवाजाही चल रही है, मगर हिमाचल ने अभी तक इंटरस्टेट बसों पर प्रतिबंध लगा रखा था, जिसे अब हटा दिया गया है। मंगलवार को परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में इंटर स्टेट बसों की एसओपी को लेकर बैठक हुई है, जिसमें सभी मसलों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि 14 अक्तूबर से बसों को चलाया जाएगा। परिवहन मंत्री बिक्रम सिंह ने बताया कि कुछ विशेष क्षेत्रों के लिए बसों को चलाया जा रहा है और जो एसओपी बनाई गई है, उसका पूरी तरह से अनुसरण किया जाएगा। इस मामले को अब कैबिनेट में ले जाने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि कैबिनेट से पहले ही निर्णय हो चुका है। केंद्र सरकार ने भी इसके लिए कहा था। मुख्यमंत्री से बात करने के बाद यह निर्णय ले लिया गया है।
उन्होंने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि पहले चरण में प्रदेश से साधारण बसें ही दूसरे राज्यों को भेजी जाएंगी और बसों को कंटेनमेंट जोन में कहीं भी नहीं रोका जाएगा। न ही वहां से कोई यात्री बिठाया जाएगा और न ही उतारा जाएगा। एसी व डीलक्स बसों की आवाजाही अभी नहीं होगी, क्योंकि माना जाता है कि कोरोना में एसी बसें सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में ऑक्यूपेंसी को भी देखा जाएगा, जिसके आधार पर उन क्षेत्रों के लिए बसों की संख्या को निर्धारित करेंगे। चंडीगढ़ व हरिद्वार के लिए सबसे ज्यादा डिमांड है, जहां के लिए बसें शुरू कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध हटने के बाद दूसरे राज्यों से भी यहां बसें आ सकती हैं।
25 रूटों पर दौड़ेंगी बसें
प्रथम चरण में 25 इंटर स्टेट रूटों पर अंतरराज्यीय बस सेवाएं आरंभ की जाएंगी। इनमें चंडीगढ़, पठानकोट, बद्दी, होशियारपुर, लुधियाना, अंबाला, हरिद्वार इत्यादि रूट प्रमुख हैं।
एसओपी
  • यात्रियों के बीच सामाजिक दूरी को कायम रखना होगा
  • 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ बिठाए जा सकते हैं यात्री
  • बस में स्टैंडिंग पैसेंजर को अनुमति नहीं होगी
  • चालक-परिचालक या यात्रियों में फ्लू के लक्षण पर देनी होगी जानकारी
  • सभी यात्रियों का मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा
  • चलने से पहले बसों को सेनेटाइज करना अनिवार्य
  • उपयुक्त वेंटीलेशन के लिए खुली रहेगी खिड़कियां
  • सभी कंडक्टरों को मिलेंगे थर्मल स्कैनर, यात्रियों की स्कैनिंग जरूरी
  • सभी बस अड्डों पर पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम होना चाहिए