सरकार ने फिर से आम आदमी को दिया झटका, वाहनों का पंजीकरण हुआ महंगा

कोरोना काल के बीच हिमाचल सरकार ने फिर से आम आदमी को झटका दिया है. सूबे में वाहनों का पंजीकरण (Registration Fee) महंगा हो गया है. विधानसभा से पारित मोटर व्हीकल कराधान संशोधन विधेयक (Moter vehicle Act) को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब अधिसूचित कर दिया है. अब हिमाचल में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन 6 से 15 फिसदी तक महंगा हो गया है.
अधिसूचना के मुताबिक, 50 हजार तक की बाइक पर 7 फीसदी, 51,000 से 2 लाख तक की मोटर बाइक पर 8 फीसदी और दो लाख से ऊपर की बाइक पर 10 फीसदी पंजीकरण फीस देनी होगी. वहीं, 15 लाख तक की कार पर 8 फीसदी और इससे अधिक कीमत के वाहन के पंजीकरण की 10 फीसदी फीस पंजीकरण शुल्क तय किया गया है.
पहले यह थी फीस
पहले हिमाचल में मोटरसाइकिल, कारों पर 3 से 8 फीसदी पंजीकरण फीस ली जा रही थी. अगर बाहरी राज्यों के लोग हिमाचल में गाड़ियों का पंजीकरण करवाते हैं तो उनसे 2 फीसदी अतिरिक्त पंजीकरण फीस वसूली जाती थी. इसके अलावा निर्माण कार्य में प्रयोग में लाई जाने वाली मशीनों का पंजीकरण अब अन्य वाहनों की तरह 15 साल के लिए किया जाएगा.
राज्यपाल ने हाल ही में दी थी मंजूरी
हिमाचल के राज्यपाल ने विधानसभा सत्र में पास किए गए बिल को मंजूरी दी थी. इसके बाद सरकार की अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा था. दरअसल, दिवाली पर गाड़ियों की बिक्री अधिक होती है. ऐसे में सरकार अधिक से अधिक राजस्व कमाना चाहती है.