सरकारी सेवाएं देने के बाद भी उन्हें पेंशन से महरूम रखा जा रहा है: डा. राजन सुशांत

सोलन : पेंशन स्कीम के समर्थन व न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में आयोजित सांकेतिक धरने को लेकर कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारी वर्ग किसी भी देश व प्रदेश की सरकार की रीढ़ होता है, लेकिन केंद्र व प्रदेश सरकार इन कर्मचारियों पर न्यू पेंशन स्कीम लागू कर उनका शोषण कर रही है। यह बात पूर्व सांसद डा. राजन सुशांत ने सोलन में ओल्ड पेंशन स्कीम के समर्थन व न्यू पेंशन स्कीम के विरोध में आयोजित सांकेतिक धरने के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरकार दो तरह की होती है।
एक अस्थायी सरकार, जिसे विधायक व सांसद मिलकर पांच वर्षों के लिए चलाते हैं और एक स्थायी सरकार, जिसे एक-एक अधिकारी व कर्मचारी 58 व 60 वर्ष की आयु तक चलाता है और सींचता है। अगर उनके साथ इस तरह का शोषण किया जाएगा, तो कोई भी सरकार ठीक ढंग से कार्य नहीं कर सकती है। डा. सुशांत ने कहा कि प्रदेश के लगभग एक लाख कर्मचारियों के साथ भी इस तरह का भेदभाव किया जा रहा है।
सरकारी सेवाएं देने के बाद भी पेंशन से महरूम
अपने जीवन के अहम वर्ष सरकारी सेवाओं में देने के बाद भी उन्हें पेंशन जैसे हक से महरूम रखा जा रहा है। उन्होंने प्रदेश की जयराम सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्मचारियों के हक को मारा जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार कर्ज के नीचे दबी हुई है और इसका ब्याज चुकाने के लिए और कर्ज लिया जा रहा है।
डा. सुशांत ने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को कर्मचारियों के हित को देखते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल करनी चाहिए। डा. राजन सुशांत ने संबोधन के दौरान अपने राजनीतिक गुरु पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने नाम लिए बिना कहा कि पांच अगस्त को उन्होंने पूर्व विधायक व सांसद के रूप मिलने वाली पेंशन को छोड़ दिया था, लेकिन अफसोस दूसरों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले खुद उस पर चल नहीं पाए।