नारग में कॉलेज खोलने की मांग जायज, उच्च न्यायालय ने कॉलेज सँघर्ष समिति के पक्ष मे दिया फैसला

सराहां: नारग में कॉलेज खोलने की मांग जायज को लेकर माननीय उच्च न्यायालय ने कॉलेज सँघर्ष समिति के पक्ष मे दिया फैसला। गौर तलब है कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान कॉलेज खोलने की अधिसूचना जारी की गई थी जिसे वर्तमान भाजपा सरकार के समय निरस्त कर दिया गया था।जिस को लेकर नारग कॉलेज संघर्ष समिति के सदस्यों ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।जिस पर गत दिनों माननीय उच्च न्यायालय ने याचिका कर्ताओ के पक्ष में फैसला सुनाते हुए नारग में कॉलेज खोलने की मांग को जायज ठहराया।सिरमौर जिला के उप तहसील नारग से नारग कॉलेज संघर्ष समिति मीडिया प्रभारी राम रतन व सचिव सुख देव ने मीडिया को जानकारी दी कि पूर्व मुख्य मंत्री राजा वीरभद्र सिंह व G R मुसाफिर के अथक प्रयासों से नारग में 2017 में जो कॉलेज खोला गया था वर्तमान सरकार द्वारा इसे बंद कर दिया था।

इस कॉलेज में दाखिले के लिए सरकार ने सिर्फ 3 दिन का समय दिया था जबकि इतने कम समय मे भी 32 बच्चों ने दाखिला लिया था इस कॉलेज खोले जाने से 10 पंचायतों के बच्चो को लाभ होना था इस इलाके के कुछ बच्चे दूसरे कॉलेजों में माइग्रेशन करने असमर्थ रहे हो गए थे तद उपरांत इलाका वासियों का नेतृत्व करते हुए श्री बेली राम शर्मा जी व सहयोगियों व माननीय उच्च न्यायालय वकील श्री रूपेंद्र ठाकुर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में जन हित याचिका दर्ज करवाई थी जिसका निर्णय माननीय उच्च न्यायालय द्वारा नारग के समस्त लाभार्थियों के पक्ष में दिया गया है इससे नारग वासियों में दीपावली के महापर्व के मौके पर खुशी की लहर दोगुनी हो गई है।

वधाई के पात्र
पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह, गंगू राम मुसाफिर , बेलीराम शर्मा , हीरा सिंह , कर्ण सिंह, मुनि लाल , सदानन्द  , चतर सिंह , राकेश अत्रि,  संदीप, थापा राम, मति इंद्रा कश्यप, मति सुषमा शर्मा,  मति उषा तोमर , किशन सिंह ,श्री राजेश कुमार ,  अजय शर्मा,  आकाश ठाकुर  , महिला मंडल नारग ,महिला मंडल शाडिया , महिला मंडल देवथल,
उप तहसील नारग की समस्त जनता का वर्तमान सरकार से पुनः विनम्र निवेदन है कि माननीय उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कृप्या नारग कॉलेज शीघ्र अति शीघ्र दोबारा खोला जाए।