चीन औपचारिक सीमाओं को नहीं मानता, उसकी कथनी और करनी में फर्क है: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली: LAC में जारी तनाव के मुद्दे पर राज्यसभा में आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान देते हुए कहा कि चीन की कथनी और करनी में फर्क है. चीन ने पेट्रोलिंग में बाधा डाली, इसलिए हिंसक झड़प हुई. रक्षा मंत्री ने कहा कि हमारी सेना हर मुकाबले से निपटने में सक्षम है. सेना के शौर्य की प्रशंसा की जानी चाहिए.

रक्षा मंत्री ने राज्य सभा में कहा, ’15 जून 2020 को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में हमारे 20 जवान शहीद हुए. पीएम मोदी ने लद्दाख में जाकर जवानों का हौसला बढ़ाया. मैंने भी लद्दाख का दौरा करके जवानों का उत्साह बढ़ाया.’ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘चीन औपचारिक सीमाओं को नहीं मानता. उसकी कथनी और करनी में फर्क है. लगातार उकसावे की कार्रवाई कर रहा है. चीन ने LAC की यथास्थिति को बदलने की कोशिश की.’

रक्षा मंत्री ने कहा, ‘दोनों देशों शांतिपूर्वक सीमा विवाद को सुलझाने पर सहमति जताई है. दोनों देशों के बीच कई तरह से समझौते हुए हैं. इस आधार पर 1998 के बाद द्विपक्षीय संबंधों में काफी सुधार हुआ है लेकिन चीन तथा भारत का सीमा प्रश्न अभी तक अनसुलझा है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘सदन को जानकारी है कि पिछले कई दशकों में चीन ने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी शुरू की है, जिनसे सीमा क्षेत्रों में उनकी तैनाती क्षमता बढ़ी है. इसके जबाव में हमारी सरकार ने भी बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए बजट बढ़ाया है, जो पहले से लगभग दोगुना हुआ है. इसके कारण हमारे जवान सीमा क्षेत्रों में में अधिक अर्लट रह सकते हैं और जरूरत पड़ने पर बेहतर जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं.’