चेन्नई सुपरकिंग्स ने किंग्स इलेवन पंजाब को दस विकेट से हराकर जीत हासिल की

चेन्नई सुपरकिंग्स ने लगातार तीन मैचों की हार से उबरते हुए जबरदस्त वापसी की। रविवार को उसने किंग्स इलेवन पंजाब को दस विकेट से हराकर पांच मैचों में अपनी दूसरी जीत दर्ज की। जीत के साथ ही सीएसके की टीम नीचले पायदान से उठकर अंक तालिका में छठे स्थान पर आ गई है। चेन्नई की इस जीत में सलामी बल्लेबाजों शेन वाटसन (83*) और फाफ डू प्लेसिस (87*) ने पहले विकेट पर 181 रन की अटूट साझेदारी की।
पंजाब ने कप्तान लोकेश राहुल (63) की मदद से चार विकेट पर 178 रन बनाए थे लेकिन वाटसन और डूप्लेसिस कुछ और ही इरादा लेकर उतरे थे। चेन्नई ने 17.4 ओवरों में बिना विकेट खोए 181 रन बना लिए। यही नहीं इस सीजन में दुबई में आठ मैचों में पहली बार किसी टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की है।
वाटसन और डूप्लेसिस के बीच पहले विकेट के लिए आईपीएल की चौथी सबसे बड़ी साझेदारी हुई जबकि चेन्नई की यह पहले विकेट के लिए श्रेष्ठ साझेदारी है। इससे पहले माइकल हसी और मुरली विजय ने 2011 में बैंगलोर के खिलाफ 159 रन जोड़े थे।
टॉस जीतकर बल्लेबाजी पर उतरी पंजाब की टीम
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी पर उतरी पंजाब की टीम की ओर से लोकेश राहुल ने मयंक अग्रवाल (26) के साथ पहले विकेट पर 61 रन जोड़े। पावरप्ले के पहले छह ओवरों में टीम ने 46 रन बनाए थे और कोई विकेट भी नहीं गंवाया था। नौवें ओवर में चेन्नई के कप्तान धोनी ने स्पिनर पीयूष चावला को गेंद थमाई जिन्होंने मयंक को सैम करन के हाथों कैच करा दिया। जडेजा ने बारहवें ओवर में मनदीप (27) को पवेलियन भेज दिया। राहुल ने शार्दुल पर छक्का जड़ते ही 46 गेंदों पर अपना अर्द्धशतक पूरा कर लिया। यह उनका सीजन का दूसरा अर्द्धशतक रहा। राहुल और पूरन के बीच तीसरे विकेट पर 58 रन की साझेदारी हुई।
शार्दुल ने दिया दोहरा झटका:
पंजाब का स्कोर 17वें ओवर तक 2 विकेट पर 152 रन था लेकिन अंतिम तीन ओवरों में चेन्नई के गेंदबाजों ने अच्छा अंकुश लगाया। शार्दुल ने 18वें ओवर में लगातार दो गेंदों पर पूरन और राहुल को आउट कर दिया। अंतिम तीन ओवरों में 26 रन ही आए।