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फलसफा समझो न असरारे सियासत समझो, जिन्दगी सिर्फ हकीक़त है हकीक़त समझो, जाने किस दिन हो हवायें भी नीलाम यहाँ, आज तो साँस भी लेते हो ग़नीमत...

Hindi Shayari about Siyasat (Politics)

Falsafa Samjho Na Asraar-e-Siyasat Samjho, Zindagi Sirf Hakiqat Hai Hakiqat Samjho, Jaane Kis Din Hon Hawayein Bhi Neelam Yahan, Aaj To Saans Bhi Lete Ho Ghaneemat Samjho. फलसफा...
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दुआएं मेरी कुबूल हों…

तेरे इख्तियार में क्या नहीं, मुझे इस तरह नवाज़ दे, यूं दुआएं मेरी कुबूल हों, कि मेरे लब पे कोई दुआ न हो।