आवभगत में कोताही बरतने पर बीओ और वन रक्षक को किया निलंबित

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के नाचन और सराज के दौरे में वन मंत्री और समर्थकों की आवभगत में कोताही बरतने के आरोपों पर वन विभाग ने बीओ और वन रक्षक को निलंबित कर दिया है। वन परिक्षेत्र अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही के चलते चैलचौक विश्राम गृह में वन मंत्री, उनके स्टाफ और समर्थकों के लिए खाना कम पड़ गया। कुछ भाजपा नेताओं ने शिकायत वन विभाग के आला अधिकारियों से की थी, जिस पर यह कार्रवाई की गई है। उधर, वन विभाग के अधिकारी इसे मामूली कार्रवाई कहकर निलंबित कर्मचारियों के दोबारा जल्द ड्यूटी ज्वाइन करने की बात कह रहे हैं।

बता दें कि वन मंत्री चार और पांच सितंबर को नाचन और सराज दौरे पर आए थे और चैलचौक वन विश्राम गृह में ठहरे थे। नाचन भाजपा ने वन विभाग को मंत्री और उनके स्टाफ समेत अन्य अतिथियों की खातिरदारी का जिम्मा सौंपा था। सूत्रों के अनुसार नाचन भाजपा ने वन विभाग नाचन को 30 लोगों के खाने की व्यवस्था का जिम्मा सौंपा था। लेकिन मंत्री के तलबगारों की वन विश्राम गृह चैलचौक में लाइन लग गई। इस बीच खाने वालों की संख्या करीब 150 पहुंच गई। इस बीच आनन-फानन में वन विभाग को काफी कसरत करनी पड़ी। कुछ लोग बिना खाए ही चले गए। वन अरण्यपाल मंडी एसके मुसाफिर ने बीओ बासा और वन रक्षक चैलचौक के निलंबन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि वन परिक्षेत्र अधिकारी को नोटिस जारी कर दिया गया है।

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