अटल टनल: सुरक्षा की दृष्टि से 3 अक्टूबर तक सील

अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन के लिए पहुंच रहे पीएम मोदी के दौरे पर चीन और पाकिस्तान की भी नजर रहेेगी। टनल के साउथ पोर्टल में मोदी सेना के जवानों से रूबरू होंगे। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) इसके लिए तैयारियां कर रहा है। मोदी यहां सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाएंगे और चीन-पाकिस्तान की सीमा को जोड़ने वाले मनाली-लेह मार्ग स्थित अटल टनल से दोनों देशों को कड़ा संदेश भी देंगे। साउथ पोर्टल में नेताओं, अधिकारियों समेत सेना के 100 से भी कम लोग शामिल होंगे। तीन अक्तूबर को होने वाले टनल के लोकार्पण का काउंटडाउन शुरू हो गया है।

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सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया गया
देश को समर्पित होने जा रही सामरिक महत्व की 9.02 किलोमीटर अटल टनल रोहतांग को सुरक्षा की दृष्टि से सील कर दिया गया है। टनल के भीतर अब किसी तरह की आवाजाही नहीं होगी। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने साउथ पोर्टल के साथ नॉर्थ पोर्टल तक सुरक्षा भी कड़ी कर दी है। टनल के भीतर अब न बीआरओ के वाहन आ-जा सकेंगे और न ही बाहरी वाहनों को एंट्री दी जाएगी। रविवार को करीब एक दर्जन वाहनों में टनल देखने पहुंचे लोगों को भी मनाली लौटा दिया गया।

वहीं, रविवार देर शाम एसपीजी के करीब दो दर्जन जवान मनाली पहुंच गए हैं, जो सोमवार से रैली स्थल के साथ टनल व हेलिपैडों का निरीक्षण करेंगे। एसपीजी की अलग-अलग टीमें 29 सितंबर तक पहुंचेंगी। पीएम दौरे के लिए एसपीजी के करीब 100 अधिकारी और कमांडो मौजूद रहेंगे। टनल के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर केपी पुरुषोत्तमन ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से टनल को सील किया गया है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में एसपीजी की टीम फिर से टनल की सुरक्षा का जायजा लेगी।

प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम दो दिन के बजाय अब एक दिन का हो गया है। तीन अक्तूबर को मोदी मनाली के सासे में लैंड करेंगे और यहां से सड़क मार्ग से पहले सोलंगनाला फिर टनल के रास्ते लाहौल में प्रवेश कर सिस्सू पहुंचेंगे। यहां जनसभा करने के बाद दोपहर को सासे से दिल्ली रवाना होंगे।

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