हरियाणा: किसानों को फिर सौगात, बैंक ऋण पर ब्याज और जुर्माने की माफी के बाद मिला ये तोहफा

हरियाणा सरकार ने किसानों को एक और सौगात दी है। सोमवार को सीएम मनोहर लाल ने किसानों का सहकारी बैंकों के कर्ज का ब्याज माफ किया था, मंगलवार को ट्यूबवेल बिजली बिल के डिफॉल्टर किसानों का सरचार्ज माफ करने का एलान किया है।

सरचार्ज माफी का लाभ उठाने के लिए डिफॉल्टर किसानों को तीस नवंबर तक बिजली बिल की मूल राशि एकमुश्त जमा करानी होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के नए कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की।

सीएम ने कहा कि सहकारी बैंकों के ऋणी किसानों के लिए तीन सेटलमेंट स्कीमों के बाद सरकार ने प्रदेश के बिजली कनेक्शन वाले ट्यूबवेल उपभोक्ता किसानों को भी राहत पहुंचाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में 6 लाख 10 हजार किसानों ने ट्यूबवेल के लिए बिजली का कनेक्शन लिया हुआ है। इसमें से लगभग 2 लाख 44 हजार कनेक्शन धारक डिफॉल्टर हो चुके हैं, जिन पर कुल 147 करोड़ रुपये बकाया हैं।

ऐसे किसान अगर अपना बिजली का बिल भरना चाहते हैं तो उन्हें सरचार्ज देना पड़ता है, सरचार्ज की अधिकतम राशि 20-25 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ऐसे ट्यूबवेल कनेक्शन वाले किसान 30 नवंबर 2019 तक अपना बिल एकमुश्त भर देते हैं तो उनकी सरचार्ज राशि माफ कर दी जाएगी।

इससे किसानों को 28 से 30 करोड़ रुपये का फायदा होगा। उन्होंने कहा कि डिफॉल्टर होने के कारण जिन किसानों के बिजली कनेक्शन को कटे 2 साल से कम का समय हुआ है, उन कनेक्शनों को बहाल कर दिया जाएगा, जबकि जिन कनेक्शनों को कटे हुए 2 साल से अधिक का समय हो गया है, ऐसे किसानों को नया कनेक्शन जारी करेंगे।