वित्तीय वर्ष के दौरान 2,66,209 घरों को क्रियाशील घरेलू नल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य : जलशक्ति मंत्री

जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने ‘जल जीवन मिशन’ में किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया और प्रयासों की सराहना की। इस वित्तीय वर्ष के दौरान 2,66,209 घरों को क्रियाशील घरेलू नल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा है। इससे जिन गांवों में 70 प्रतिशत से अधिक कवरेज है। उनमें शत-प्रतिशत घरों में जलापूर्ति प्रदान कर दी जाएगी। प्रदेश के 5,081 गांवों में शत-प्रतिशत कार्यशील घरेलू नल उपलब्ध करवा दिए गए हैं।
विभाग ने 47 जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित कर 40 हजार परीक्षण किए हैं। जल जीवन मिशन के दिशा निर्देशों के अनुसार 2008 पंचायतों में वीलेज वाटर सेनिटेशन कमेटी का गठन किया है। ठाकुर ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता में मंगलवार को विभिन्न राज्यों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। वित्तीय वर्ष में ऊना और किन्नौर को शत-प्रतिशत क्रियाशील घरेलू नल लगाएंगे। सोलन के कंडाघाट, किन्नौर के पूह, स्पीति और लाहौल विकास खंडों में शत-प्रतिशत नल उपलब्ध करवाए हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्तूबर को स्कूलों, आंगनबाड़ी और आश्रमों को 100 दिन के भीतर पाइप से पेयजल उपलब्ध करवाने का अभियान शुरू किया है। इनके आंकड़े एकत्रित करके उन क्षेत्रों में प्रमाणिता की जांच की जा रही है। गैर सरकारी स्कूलों को भी शामिल किया है। प्रदेश के कुल 16,889 विद्यालयों में से 16,478 स्कूलों को पेयजल सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है। शेष 411 स्कूलों को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे है। प्रदेश के कुल 18,925 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 18,533 को पेयजल सुविधा दी है।