राष्ट्रपति पद से हटने के बाद ट्रंप पर आ सकती हैं मुसीबतें, व्हाइट हाउस छोड़ने से किया इनकार

अमेरिका के 244 वर्ष के इतिहास में डोनाल्ड ट्रंप पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने व्हाइट हाउस छोड़ने से इनकार किया है। ट्रंप हार को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इससे वे कई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

अपने कार्यकाल के दौरान वे तीसरे ऐसे राष्ट्रपति रहे हैं जिन पर महाभियोग भी चल चुका है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति पद से हटने के बाद ट्रंप को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडन ने 270 से ज्यादा इलेक्टोरल कॉलेज के वोट जीते हैं इसलिए उन्हें राष्ट्रपति बनने का पूरा अधिकार है, जबकि ट्रंप के पास कानूनी रास्ते बहुत कम बचे हैं।

बीबीसी ने विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि ट्रंप के कार्यकाल में हुए कथित घोटालों की जांच से पता चलता है कि उन्हें राष्ट्रपति पद से हटने के बाद आपराधिक कार्यवाही के अलावा मुश्किल वित्तीय हालात का भी सामना करना पड़ सकता है।

कुछ विशेषज्ञों ने कहा है कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए ट्रंप पर आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है लेकिन पद से हटने के बाद उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है। न्यूयॉर्क स्थित पेस यूनिवर्सिटी में संविधान विधि के प्रोफेसर बैनेट गर्शमैन ने कहा है कि ट्रंप पर बैंक, टैक्स और चुनाव धोखाधड़ी के अलावा धन शोधन जैसे मामलों में भी आरोप लग सकते हैं।

निजी कर्ज और कारोबारी घाटे की मुश्किलें
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप को भारी वित्तीय घाटे का सामना भी करना पड़ सकता है। इनमें बड़े पैमाने पर निजी कर्ज और उनके कारोबार की मुश्किलें शामिल हैं। अखबार ने कहा है कि अगले चार वर्षों में ट्रंप को 30 करोड़ डॉलर से अधिक का कर्ज चुकाना है जबकि सच्चाई यह है कि ट्रंप का निजी निवेश बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है।

ट्रंप पर लगने वाले आरोप
– 2016 के चुनाव में रूसी दखल पर विशेष वकील मुलर की रिपोर्ट के नतीजों को लेकर न्याय में बाधा पहुंचाना
– पॉर्न अभिनेत्री स्टॉर्मी डेनियल्स को पिछले आम चुनाव में मुंह बंद रखने के लिए करोड़ों डॉलर देना
– 2018 में वकील माइकल कोहेन चुनाव गड़बड़ी में दोषी पाए गए, ट्रंप उनके साथ साजिश में सहयोगी रहे
– चीन की बैंक में खाता खुलने के बाद हुए वित्तीय लेनदेन की जांच बिठाकर कार्रवाई करना
– जो बाइडन व परिजनों के विरुद्ध जांच शुरू कराने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव बनाना

हार के बाद चीन पर गुस्सा, सीपीसी के चार नेताओं पर प्रतिबंध
चुनाव में शिकस्त के बाद चीन के खिलाफ ट्रंप और भी आक्रामक हो गए हैं। कार्यकाल खत्म होने से 72 दिन पहले ही उन्होंने हांगकांग में राजनीतिक अधिकारों के दमन के मुद्दे पर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के चार नेताओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर दी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन चारों की अमेरिकी यात्रा और यहां किसी भी तरह की संपत्ति हासिल करने पर रोक लगाई जा रही है।

ओबामाकेयर को रद्द कराने की कोशिशें तेज
चुनाव में हार के बाद ट्रंप की पार्टी व प्रशासन ने एक बार फिर पूर्ववर्ती राष्ट्रपति बराक ओबामा के वक्त पारित स्वास्थ्य बीमा कानून (ओबामाकेयर) को रद्द कराने की कोशिश तेज कर दी है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में इस पर तीसरी बार होने वाली सुनवाई में रिपब्लिकन पार्टी शासित 18 राज्यों के अटॉर्नी जनरल चाहते हैं कि यह कानून रद्द किया जाए। इससे 2.3 करोड़ लोगों का बीमा कवर छिन जाएगा।

ट्रंप का आरोप, एफडीए व ‘फाइजर’ ने टीके की घोषणा रोकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाद्य व औषधि प्रशासन (एफडीए) और दवा कंपनी ‘फाइजर’ पर आरोप लगाया कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले जानबूझकर कोविड-19 टीके की घोषणा रोकी गई, ताकि वे चुनाव न जीत सकें। ट्रंप ने ट्वीट किया कि चुनाव से पहले एफडीए और डेमोक्रेट्स उन्हें टीके का श्रेय नहीं देना चाहते थे। इसलिए इसकी घोषणा पांच दिन बाद की गई।

‘फाइजर’ ने कहा था, कि विश्लेषण से पता चला है कि उसका टीका कोविड-19 को रोकने में 90 प्रतिशत तक कारगर हो सकता है। ‘फाइजर’ ने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया है लेकिन कहा कि अध्ययन के अंत तक परिणाम में बदलाव हो सकता है।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि यदि बाइडन राष्ट्रपति होते तो आपको अगले चार साल तक टीका नहीं मिलता और ना ही एफडीए ने इसे तुरंत मंजूरी दी होती। नौकरशाही तंत्र ने लाखों जिंदगियों को तबाह कर दिया होता।

अमेरिकी इतिहास का नया अध्याय लिखने को तैयार : हैरिस
अमेरिका की नवनिर्वाचित उप राष्ट्रपति कमला हैरिस ने कहा कि वह और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन अमेरिकी इतिहास का एक नया अध्याय लिखने को तैयार हैं।

हैरिस ने बाइडन-हैरिस प्रशासन की प्राथमिकता सूची जारी करते हुए कहा, हम पहले दिन से, कामकाजी परिवारों को लाभ पहुंचाने वाली अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगे। यही हमारी सकारात्मक शुरुआत होगी।

चुनाव अपराध जांच शाखा प्रमुख रिचर्ड पिलर का इस्तीफा
अमेरिका के अटॉर्नी जनरल विलियम बर ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अनियमितताओं के आरोपों के मामले में जांच की अनुमति देश के संघीय अभियोजकों को दे दी। इस आदेश के बाद अमेरिकी न्याय विभाग की चुनाव अपराध शाखा के निदेशक रिचर्ड पिलर ने इस्तीफा दे दिया है। पिलर ने यह कदम ट्रंप द्वारा नतीजों को चुनौती देने के लिए न्याय विभाग का इस्तेमाल करने संबंधी आरोपों के बाद जांच की अनुमति मिलने पर उठाया है।

भारत का जीएसपी दर्जा बहाल करके दें रिश्तों की मजबूती के संकेत : अघी
अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन और वाशिंगटन द्वारा भारत के मामले में व्यापार से जुड़ी सामान्यीकृत तरजीही प्रणाली (जीएसपी) को बहाल कर देने से एक व्यापार समझौता हो सकता है और इससे नई दिल्ली को एक मजबूत संकेत भी भेजा जा सकता है। यह बात भारत-अमेरिकी रणनीतिक एवं भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कही।

एस्पर की बर्खास्तगी के बाद मिलर बने कार्यवाहक रक्षा मंत्री
राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनाव हारने के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर को बर्खास्त कर उनकी जगह पर राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र के निदेशक क्रिस्टोफर मिलर को कार्यवाहक रक्षा मंत्री बनाया गया है। वे ट्रंप के बेहद करीबी हैं। उन्हें अमेरिकी इतिहास में गार्डिनर जी हबर्ड मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।