भारत को मिला आकाश का ‘बाहुबली’ रफाल

भारतीय वायुसेना ने फ्रांस से खरीदे गये 36 राफेल लड़ाकू विमानों की श्रृंखला में प्रथम विमान फ्रांस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में प्राप्त किया। वायुसेना के लिए प्रथम राफेल विमान को प्राप्त करने के लिये रक्षा मंत्री फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम शहर बरदो के मेरिनियाक में आयोजित समारोह में शामिल हुए। रक्षा मंत्री ने विमान को प्राप्त करने के बाद कहा कि राफेल वायु क्षेत्र में भारत की ताकत को तेजी से बढ़ाएगा।

जिस पल का सभी भारतवासियों को बेसब्री से इंतजार था, वो दिन आ ही गया…. मेरिनियाक (मेरी नेक एक), जो दक्षिण-पश्चिमी फ्रांसीसी शहर बॉरदॉ (बोआ डु) का एक उपनगर है…. इस दिन, इस पल को भारतीय वायुसेना लंबे समय तक संजोएगी .. वायु सेना दिवस से ज्यादा उचित मौका कोई नही हो सकता था… भारतीय वायुसेना की 87 वीं वर्षगांठ का दिन।

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विजयदशमी के मौके पर … रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विजयदमी के दिन पारंपरिक शस्त्र पूजा की। उन्होंने इससे पहले मेरिनियाक में राफेल निर्माता डसॉल्ट (डास ओह) एविएशन का दौरा किया इस मौके पर फ्रांस के शीर्ष सैन्य अधिकारी और डसॉल्ट एविएशन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राफेल में सवार होकर इसे आसमान पर ले जाने से बेहतर इसकी कोई शुरुआत नही हो सकती थी। राफेल एक ट्विन-जेट लड़ाकू विमान है जो विमान वाहक और एयरबेस दोनों से संचालित होता है। राफेल उन्नत प्रौद्योगिकी से लैस लड़ाकू विमान है। राफेल गहराई से हमले, टोही, जहाज-रोधी हमले, परमाणु हमले के साथ ही दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है।

भारत ने सितंबर 2016 में 59,000 करोड़ रुपये के सौदे में फ्रांस से 36 राफेल लडाकू विमान का ऑर्डर दिया था। चार राफेल जेट विमानों की पहली खेप मई 2020 तक भारत के लिए उड़ान भरेगा। सभी 36 जेट्स 2022 के सितंबर तक भारत आने की उम्मीद है उसके लिए भारतीय वायुसेना जरूरी बुनियादी ढांचा तैयारी करने और पायलटों को प्रशिक्षण देने समेत जरूरी तैयारियां कर रही है।

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन से मुलाकात की और एलिसी पैलेस में भारत-फ्रांस के रक्षा और रणनीतिक संबंधों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच हुई बातचीत व्यापक रक्षा वार्ता का हिस्सा है। राजनाथ सिंह ने फ्रांस के सशस्त्र बल मंत्री फ्लोरेंस पैली के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की चर्चा भी की।

राफेल लडाकू विमान 2004 में फ्रांसीसी नौसेना और 2006 में फ्रांसीसी वायु सेना में शामिल हुआ। राफेल की ताकत अफगानिस्तान, लीबिया, माली, इराक और सीरिया जैसे युद्ध क्षेत्रों में मुकाबला करने में देखी गई। भारतीय वायुसेना की जरूरतों के लिहाज से राफेल जेट में संशोधन किए गए हैं जो भारत के लड़ाकू विमान बेड़े की ताकत को कई गुना बढा देगी। पहले राफेल विमान का टेल नंबर होगा आरबी 001, जिसमें आरबी का मतलब है एयर चीफ मार्शल राकेश भदौरिया,, जिन्होंने भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख के रूप में अपनी पिछली भूमिका में इस सौदे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राफेल जेट से यह स्पष्ट है कि फ्रांस के साथ भारत की “विशेष भागीदारी” औपचारिक संबंधों से कहीं आगे है।