प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी अबभारत की चीन से कडे शब्‍दों में अपील, सीमा क्षेत्रों में तेजी से शांति बहाल करने के प्रयासों में ईमानदारी से सहयोग करे से कुछ देर में अमरीका-भारत साझेदारी फोरम के तीसरे शिखर सम्‍मेलन को संबोधित करेंगे

भारत ने कहा है कि पिछले चार महीनों से सीमावर्ती क्षेत्रों में जारी स्थिति चीन की गतिविधियों का परिणाम है, जो एकतरफा यथास्थिति को बदलने का दुष्‍प्रयास कर रहा है। भारत ने चीन से अपील की है कि वह इन क्षेत्रों में तेजी से शांति बहाल करने के भारतीय प्रयासों में ईमानदारी से सहयोग करे। भारत ने चीन को सेनाएं पीछे हटाने और तनाव पैदा करने वाली गतिविधियों को अंजाम न देने का सुझाव दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अनुराग श्रीवास्‍तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि समस्‍याओं का समाधान राजनीतिक और सैन्‍य माध्‍यमों से बातचीत के जरिए किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि भारत सभी मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए करने के लिए वचनबद्ध है।

उन्‍होंने कहा कि चीन की गतिविधियों से द्विपक्षीय समझौतों और वायदों का उल्‍लंघन हुआ है। उन्‍होंने कहा कि इन समझौतों की बदौलत करीब तीन दशक से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनी हुई थी।

अनुराग श्रीवास्‍तव ने कहा कि ग्राउंड कमाण्‍डर स्थिति के समाधान के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं। उन्‍होंने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों और विशेष प्रतिनिधियों के बीच बनी सहमति की याद दिलायी। इसमें कहा गया था कि दोनों देशों को सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति से निपटने के लिए जिम्‍मेदारी से काम करना चाहिए और उकवाने वाली कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।