पंजाब: पकड़ा गया शातिर गिरोह, 37.30 लाख रुपये बरामद

एलआईसी की बकाया प्रिमियम राशि के नाम पर सीनियर सिटीजंस को फोन के जरिए ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हो गया है। मोहाली पुलिस ने मामले में छह और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे 37.30 लाख रुपये की नकदी, 14 मोबाइल फोन, 3 फिक्सड वायरलेस फोन, 12 चेकबुक और एक हरियाणा नंबर की फार्च्यूनर कार बरामद की। वहीं, आरोपियों के बैंक खातों में मौजूद सात लाख रुपये भी पुलिस ने फ्रीज करवा दिए हैं। बता दें कि इस मामले में सात लोगों को पहले भी गिरफ्तार किया गया था।

डीएसपी रूपिंदर कौर सोही के मुताबिक, 16 अगस्त 2019 को थाना फेज-11 में ठगी से जुड़ा एक केस दर्ज किया था। जांच में पता चला कि आरोपी गिरोह के अन्य साथियों के साथ मिलकर दिल्ली में एएस बिजनेस नाम से कंपनी चला रहे हैं। इसके बाद दिल्ली में छापा मारकर पुलिस ने सितंबर में सात आरोपियों को दबोच लिया।

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वे अपने गिरोह के अन्य सदस्यों से मिलकर पंजाब व बाहरी राज्यों के भोले-भाले बुजुर्ग लोगों को शिकार बनाते थे। आरोपी बुजुर्गों को एलआईसी के प्रीमियम की बकाया राशि का लालच देकर उनसे अपने खातों में पैसे डलवा लेते थे। इसके बाद फोन बंद कर लेते थे। आरोपियों ने मोहाली के करीब 47 लोगों को अपना शिकार बनाया था।

आरोपियों की पहचान अनुराग शुक्ला निवासी थाना चुकेरी रामपुर (यूपी) व हाल निवासी पांडव नगर दिल्ली, अवनीश शुक्ला निवासी गांव उरई जिला जालौन (यूपी) व हाल निवासी पांडव नगर दिल्ली, मंगल सिंह निवासी रशीद मार्केट जगतपुरी दिल्ली, राजेश कुमार यादव निवासी गांव गोपालपुर थाना रसाड़ा जिला बलिया (यूपी), कपिल कन्नव निवासी दईया नंद नगर बहादुरगढ़ जिला झज्जर (हरियाणा) और रमेश मिश्रा निवासी गांव बदलपुर थाना तरबगंज जिला गोंडा (यूपी) व हाल निवासी सेक्टर-15 नोएडा के रूप में हुई है।