नीतीश कुमार ने कहा, ये मेरा आखरीचुनाव

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को होना है. जबकि सभी राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जमकर प्रचार कर रहे हैं. इस बीच, बिहार के मुख्‍यमंत्री और जेडीयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने धमदाहा में रैली के दौरान राजनीति से संन्‍यास का ऐलान कर दिया है. उन्‍होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 मेरा अंतिम चुनाव होगा. आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है.

नीतीश कुमार ने किया ये ऐलान
बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने धमदाहा में रैली में जनता से कहा, ‘आप जान लीजिए आज तीसरे चरण के प्रचार का आखिरी दिन है. अब परसों चुनाव है और ये मेरा अंतिम चुनाव है. अंत भला तो सब भला. अब आप बताइए वोट दीजिएगा ना इनको. हम इन्‍हें जीत की माला समर्पित कर दें. बहुत बहुत धन्‍यवाद.’

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने साल 1977 में अपना पहला चुनाव लड़ा था. वह कई बार लोकसभा के सांसद रहे और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रहे. नीतीश कुमार साल 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं. जनता से बिहार के विकास के लिए राजग को वोट देने की अपील करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य की पहले की स्थिति और आज की स्थिति किसी से छिपी नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य को अभी विकास के नए आयाम तय करने हैं और इसके लिए राजग के पक्ष में मतदान जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमें काम करने का मौका मिला, तब हमने कहा था कि न्याय के साथ विकास किया जाएगा. हमने अपना वादा पूरा किया. हमने किसी की भी उपेक्षा नहीं की, सबको साथ ले कर चले, सबका विकास किया. आगे मौका मिला तो राज्य को विकास की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे.

बीजेपी सांसद अजय निषाद ने कही ये बात
बीजेपी सांसद अजय निषाद ने न्यूज़ 18 से नीतीश के राजनीति से संन्‍यास को लेकर कहा कि अभी नीतीश कुमार को ऐसा फैसला नहीं लेना चाहिए. वह बिहार की राजनीति में सक्रिय रहें और यही बिहार के लिए उचित होगा. साथ ही कहा कि मेरे पिता ( जय नारायण निषाद) को नीतीश कुमार ने सांसद बनाने में अहम योगदान दिया था. उन्‍होंने 1999 और 2009 में टिकट दिया और वह लोकसभा में पहुंचे थे. जबकि नीतीश ने रेल मंत्री और कृषि मंत्री के तौर केंद्र में अहम भूमिका निभाई है. वह बिहार में भी काफी लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं अभी वह बिल्कुल स्वस्थ्य हैं और ज्यादा उम्र भी नहीं है. मेरे खयाल से ऐसा फैसला बिहार की जनता के हित में नहीं होगा, लेकिन जहां तक मैं उन्हें जानता हूं, वह अब अपने फैसले पर कायम रहेंगे, लेकिन एक बार उन्हें अपने निर्णय को लेकर पुनर्विचार करना चाहिए.

चिराग और तेजस्‍वी के निशाने पर नीतीश
बिहार चुनाव में लोजपा प्रमुख चिराग पासवान और जेडीयू नेता तेजस्‍वी लगातार नीतीश कुमार पर उनकी उम्र के साथ युवा विरोधी होने की बात कह कर निशाना साधते रहे हैं. हालांकि न्‍यूज़ 18 के साथ खास बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा था कि हम यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि जनता की सेवा करने आए हैं. जनता जब तक चाहेगी, तब तक सेवा करते रहेंगे. अगर नहीं चाहेगी तो घर पर बैठकर आराम करेंगे. हालांकि उन्‍होंने राजनीति से रिटायरमेंट को लेकर कोई सीधा जवाब नहीं दिया था. जबकि हाल ही में सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर चिराग ने कहा कि जिस प्रधानमंत्री जी को वे कोसते नहीं थक रहे थे आज उनके साथ मंच पर नतमस्तक होते नहीं थक रहे हैं. ये कुर्सी के प्रति उनका प्रेम और लालच दिखाता है. उन्होंने कहा कि 10 तारीख के बाद वो तेजस्वी यादव के सामने नतमस्तक होते दिखेंगे.

जेडीयू ने किया पलटवार
जेडीयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि ट्विटर लबबुआ लोग ज्ञान का आतंक मचा रहे हैं. रामविलास पासवान हर झोपड़ी में चिराग जलाने की बात करते थे, ये सोना का चम्मच लेकर पैदा हुए. सिर्फ जमुई लोकसभा क्षेत्र में 900 किलोमीटर तार बदला गया. लालटेन बुझ गयी, चिराग भी अब नहीं जलेगा. जनता को तय करना है.