कोविड-19 मरीजों का ईलाज कर रहे चिकित्सकों व पैरा-मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने आज वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए कि कोविड-19 मरीजों के ईलाज में शामिल चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ स्वयं भी संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा के सम्पूर्ण उपाय अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लक्षण रहित रोगियों को होम आइसोलेशन में रखा जाना चाहिए। स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित रूप से ऐसे रोगियों की स्वास्थ्य जांच करनी चाहिए। चिकित्सकों और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ को बेहतर क्वारंटीन सुविधा भी प्रदान की जानी चाहिए। औद्योगिक ईकाइयों को अपने कर्मचारियों की कुल संख्या के न्यूनतम 10 प्रतिशत के साथ अपनी क्वारंटीन सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए। छोटी औद्यागिक ईकाइयों को पूल के माध्यम से इस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मरीजों के सहायक और विद्यार्थी/परीक्षार्थी जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के कारण प्रदेश में आवागमन करने की आवश्यकता है, उन्हें क्वारंटीन नियमों से छूट की सुविधा प्रदान की जाएगी बशर्ते वे 72 घंटों के भीतर वापस राज्य में प्रवेश करते हैं।

कोरोना से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने की हरसंभव सहायता

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि अब तक 2 लाख 14 हजार 182 लोगों का कोरोना संक्रमण परीक्षण किया गया है जिनमें से 6 हजार 116 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 267.7 प्रति लाख राष्ट्रीय औसत की तुलना में हिमाचल प्रदेश में कोरोना के प्रति लाख 87.3 मामले हैं। हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के प्रति सौ मामलों में 0.58 मृत्यु दर है जो राष्ट्रीय औसत प्रति सौ मामलों में 1.7 की तुलना में कम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए राज्य को 500 वेंटिलेटरस, 1.60 लाख पीपीई किट और 3 लाख एन-95 मास्क प्रदान किए हैं।

देवभूमि हिमाचल में जल्द खोले जा सकते हैं मंदिर

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही राज्य में मंदिरों को खोलने पर विचार कर रही है, जिसके लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र ही एसओपी तैयार की जाएगी। राज्य में प्रवेश प्रक्रिया सरल बनाने के लिए उपायुक्तों को निर्देशित किया गया है, परन्तु साथ ही ई-पास की प्रक्रिया प्रदेश में लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोविड-19 महामारी के कारण राज्य की विकास गति प्रभावित न हो।

बरसात में अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में कोरोना वायरस का जीवनकाल बढ़ जाता है, इसलिए इस महामारी से बचने के लिए और अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। कोरोना योद्धा जैसे चिकित्सक, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पुलिस तथा स्वास्थ्य कर्मियों में इस वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. राजीव सैजल जी ने कहा कि परीक्षण सुविधाओं पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मामलों में गिरावट लोगों की सक्रिय सहभागीदारी और सामाजिक दूरी, फेस मास्क तथा सेनिटाइजर के उपयोग बारे जागरूकता से प्राप्त हो सकती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक तथा अन्य पैरा-मेडिकल स्टाफ के लिए पर्याप्त क्वारंटीन सुविधा प्रदान करना जरूरी है।